उत्तर प्रदेश में सोलर एनर्जी पावर प्लांट से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में निलंबित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाईकोर्टने FIR रद्द करने के बाद बहाली के आदेश दिए हैं।  सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उनकी बहाली का आदेश 14 मार्च 2026 के बाद से प्रभावी माना जाएगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच द्वारा उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को रद्द किए जाने के बाद विभागीय स्तर पर उनकी बहाली की तैयारी पूरी कर ली गई है।

एक करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप
आप को बता दें कि उत्तर प्रदेश में सोलर ऊर्जा से जुड़े कल-पुर्जे बनाने वाली कंपनी से एक करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। इस मामले को लेकर गोमतीनगर थाने में दर्ज FIR दर्ज कराई गई थी। हालांकि इसमें केवल ‘सीनियर अफसर’ लिखा गया था, लेकिन किसी भी अधिकारी का नाम स्पष्ट रूप से नहीं दिया गया था।

कमीशन में शामिल लोक सेवा अधिकारी का नाम स्पष्ट करने का कोर्ट ने दिया था आदेश 
बाद में निकांत जैन की पुलिस कस्टडी रिमांड की सुनवाई के दौरान भ्रष्टाचार अधिनियम की स्पेशल कोर्ट ने आदेश दिया है कि जांच अधिकारी यह बताए कि किस वरिष्ठ अधिकारी ने निकांत जैन का नंबर देकर उससे मिलने को कहा था। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि उस कमीशन में शामिल लोक सेवा अधिकारी का नाम, मिलने वाली रकम और उस रकम के लिए की गई कोशिशों के बारे में भी जांच अधिकारी स्पष्ट बयान दें।

5 प्रतिशत कमीशन मांगने पर अभिषेक प्रकाश को कर दिया था निलंबित
‘गौरतलब’है कि कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सोलर एनर्जी पावर प्लांट लगाने वाली कंपनी से मिली शिकायत के बाद अभिषेक प्रकाश को 5 प्रतिशत कमीशन मांगने पर निलंबित कर दिया था।

अभिषेक प्रकाश: प्रशासनिक सेवा में कई अहम पदों पर रहे
अभिषेक प्रकाश का जन्म 21 नवंबर 1982 को बिहार में हुआ था। उन्होंने बीटेक के बाद पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एमए किया। वे इन्वेस्ट यूपी के CEO और उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास विभाग के सचिव रह चुके हैं। इसके अलावा, अभिषेक प्रकाश ने 1 नवंबर 2021 से 6 जून 2022 तक लखनऊ के जिलाधिकारी के तौर पर भी काम किया। उनकी प्रशासनिक सेवाओं में हमीरपुर, अलीगढ़, बरेली और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में जिलाधिकारी पद भी शामिल है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights