सिंघल ने बताया कि मजदूर मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के रहने वाले हैं। उन्हें सोयाबीन की कटाई के काम का लालच देकर बुलाया गया था लेकिन वास्तव में उन्हें सतारा ले जाया जा रहा था।
सिंघल ने कहा, ‘‘एक गैर सरकारी संगठन से मिली सूचना के आधार पर नागपुर पुलिस ने वाशिम जिले के पुलिस अधीक्षक अनुज तारे के साथ समन्वय कर मजदूरों को बचाया। सभी एजेंट ने पीड़ितों से 57,000 रुपये वसूले थे। सीताबर्डी थाने में तस्करी और वसूली के मामले दर्ज किए गए हैं।
