बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से 06 जनवरी से फार्मर आईडी बनाने का कार्य कैम्प मोड में पूरे राज्य में चलाया जा रहा है, जिसे किसानों की सुविधा को देखते हुए एक दिन और बढ़ाकर 10 जनवरी तक कर दिया गया है। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के किसानों से अपील की है कि वे फार्मर आईडी निबंधन का कार्य निर्धारित समय के भीतर अवश्य पूरा करा लें।
उल्लेखनीय है कि राज्य के सभी 38 जिलों में फार्मर आईडी बनाने का कार्य मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है। इस संबंध में विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान को सफल बनाने के लिए उन्होंने 15 वरिष्ठ अधिकारियों की विभिन्न जिलों में तैनाती भी की है, जिससे कार्य की सतत निगरानी एवं गति सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सभी किसानों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तिथि के भीतर अपने पंचायत भवन में आयोजित शिविर में पहुंचकर फार्मर आईडी निबंधन अवश्य कराएं, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।
बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े करोड़ों किसानों के लिए सरकार ने एक जरूरी नियम लागू किया है, जिसे अनदेखी करने पर किसानों की किस्त रूक सकती है। सरकार ने अब पीएम किसान योजना के लिए यूनिक Farmer ID को अनिवार्य कर दिया है।
जानें Farmer ID क्यों अनिवार्य?
सरकार ने अब पीएम किसान योजना के लिए यूनिक Farmer ID को अनिवार्य कर दिया है। यह किसान की डिजिटल पहचान है, जिसमें जमीन, फसल, कृषि गतिविधियों और आय से जुड़ी सभी जानकारी दर्ज रहती है। सरकार का उद्देश्य है कि योजना का लाभ सिर्फ सही और पात्र किसानों तक ही पहुंचे और फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगे।
जानिए Farmer ID के लाभ
Farmer ID होने से किसानों को कई लाभ मिलते हैं। जिसमें खाद और बीज की सब्सिडी सही तरीके से मिलती है, फसल बीमा का क्लेम आसान हो जाता है, बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती और भविष्य की सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही ID से मिल सकेगा।
Farmer ID बनवाने के लिए जरूरी दस्तावेज
.आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक)
.जमीन से जुड़े दस्तावेज (खसरा/जमाबंदी)
.राशन कार्ड या फैमिली ID
कैसे मिलता है लाभ?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 24 फरवरी 2019 से लागू है। इसमें हर पंजीकृत किसान परिवार को सालाना ₹6,000 दिए जाते हैं। यह राशि चार-चार महीने के अंतराल पर ₹2,000 की तीन किस्तों में भेजी जाती है।
पिछली किस्तें कब-कब आईं?
इस योजना के तहत अब तक 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। पीएम किसान की 19वीं किस्त 24 फरवरी 2025 को और 20वीं किस्त 2 अगस्त 2025 को जारी की गई थी। वहीं 21वीं 19 नवंबर 2025 किस्त जारी की गई है। तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित कार्यक्रम से PM इस किस्त को डिजिटल तरीके से जारी की। सरकार ने करीब 18,000 करोड़ रुपये देशभर के 9 करोड़ पात्र किसानों के खाते में भेजे।
22वीं किस्त कब आएगी?
सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन कृषि मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, फरवरी के आख़िर या मार्च की शुरुआत तक 22वीं किस्त जारी होने की संभावना है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर pmkisan.gov.in पोर्टल पर जाकर e-KYC स्टेटस और लाभार्थी सूची (Beneficiary Status) की जांच करते रहें।
