बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दिवाली पर पटाखों और प्रदूषण पर चल रही बहस को लेकर स्पष्ट माना है कि किसी एक समुदाय के त्योहारों पर बार-बार आलोचना करना सही नहीं है। शनिवार को वे सिद्धि विनायक गणेश मंदिर, मुंबई में दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे, तब उन्होंने यह टिप्पणी की।
क्या कहा धीरेंद्र शास्त्री ने
बाबा बागेश्वर ने कहा कि ‘दिवाली पर पटाखों को लेकर ज्ञान न पेलें। हम न बकरीद पर ज्ञान देते हैं, न ताजिए पर। इसलिए हमें ज्ञान न पेलें। यह हमारी परंपरा है, और हम इसे निभाएंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण एक गंभीर विषय है, पर उनका सवाल है कि यह मुद्दा केवल हिंदू त्योहारों के समय ही क्यों उठाया जाता है। उन्होंने अभिनेताओं से अपील की कि वे सभी धर्मों के पर्वों को समान दृष्टि से देखें और किसी एक समुदाय के पर्वों पर ‘ज्ञान पेलने’ से परहेज करें।
‘त्योहारों का मकसद है खुशी और भाईचारा’
शास्त्री ने आगे कहा कि त्योहारों का उद्देश्य खुशी, शांति और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना होना चाहिए और हर धर्म के उत्सवों के प्रति सम्मान रखने की बात कही।
‘आई लव मुहम्मद’ पर क्या कहा
एक सवाल के जवाब में पंडित शास्त्री ने कहा कि यदि कोई “I love Muhammad” कहता है तो वह गलत नहीं है, उसी तरह “I love Mahadev” कहना भी बुरा नहीं है। पर उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि “सिर तन से जुदा” जैसे नारे और उकसाने वाले विचार हिंदू समाज और भारत के कानून द्वारा सहन नहीं किए जाएंगे। ऐसे मामलों में कार्रवाई होगी।
