कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने राज्य में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर धर्मस्थल मामले में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले में तथ्यों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच कर रहा है और उनकी सरकार इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर रही।

सिद्धरमैया ने मामले की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से जांच कराए जाने की मांग कर रही भाजपा से सवाल किया कि क्या उन्हें राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं है। उन्होंने विपक्षी पार्टी की ‘धर्मस्थल चलो’ रैली को ‘‘राजनीतिक’’ करार दिया। 

सिद्धरमैया ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह धर्म यात्रा नहीं, बल्कि राजनीतिक यात्रा है। एसआईटी मामले की जांच कर रही है, क्या उन्हें (भाजपा को) हमारी पुलिस पर भरोसा नहीं है? वे एनआईए जांच की मांग कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘धर्मस्थल के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े ने स्वयं एसआईटी जांच का स्वागत किया है ताकि सच सामने आए और संदेह से मुक्ति मिल सके।’’

उन्होंने कहा कि एसआईटी की जांच जारी है और सरकार इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर रही।

उन्होंने कहा, ‘‘यह स्वतंत्र रूप से किया जा रहा है, सच्चाई सामने आनी चाहिए और लोगों को सच्चाई पता चलनी चाहिए।’’

भाजपा ने मंदिर नगरी के खिलाफ कथित साजिश और बदनामी अभियान की निंदा करने के लिए सोमवार को ‘‘धर्मस्थल चलो’’ रैली निकाली।

भाजपा मामले की एनआईए से जांच कराए जाने की मांग कर रही है। भाजपा ने मामले से निपटने के तरीके को लेकर कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा है।

धर्मस्थल के खिलाफ साजिश के लिए विदेशी वित्तपोषण के भाजपा के आरोप से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘यह सब करने के लिए भाजपा को पैसा मिलता है, पैसा कहां से आ रहा है? उन्हें धन कौन दे रहा है।’’

उन्होंने कहा कि हर मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘विपक्षी दल होने के नाते उन्हें सरकार की आलोचना करने दीजिए लेकिन हर चीज का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए। वे राजनीति के लिए ऐसा कर रहे हैं। वे जो कर रहे हैं या बोल रहे हैं, उसमें कोई सच्चाई नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि उन्हें विदेशी वित्तपोषण के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जांच से सच सामने आने दीजिए।’’

विपक्ष के नेता आर अशोक जैसे भाजपा नेताओं के इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि मामले का शिकायतकर्ता सी एन चिन्नैया कांग्रेस की साजिश का हिस्सा है, सिद्धरमैया ने कहा कि भाजपा नेता रोजाना अलग-अलग दावे कर रहे हैं। उन्होंने इन दावों को झूठा बताया।

चिन्नैया को झूठी गवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब चिन्नैया ने दावा किया था कि उसने पिछले दो दशक में धर्मस्थल में कई शवों को दफनाया है- जिनमें से कई के शरीर पर यौन उत्पीड़न के निशान मिले।

राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने तब से चिन्नैया द्वारा चिह्नित धर्मस्थल के वन क्षेत्रों में नेत्रवती नदी के किनारे कई जगहों पर तलाशी ली है। अधिकारियों ने बताया कि दो जगहों से कंकाल बरामद किए गए हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या 2012 में धर्मस्थल में 17 वर्षीय एक छात्रा के बलात्कार और हत्या के आरोपों की पुनः जांच की जाएगी, सिद्धरमैया ने कहा कि यह पीड़िता की मां और परिवार पर निर्भर है कि वे इस बारे में निर्णय लें और अदालत में जाएं।

एक महिला ने यह दावा किया है कि छात्रा का अपहरण हुआ था और उसने यह सब देखा था। इस संबंध में पूछे जाने पर कि क्या इस दावे की जांच की जाएगी, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब सीबीआई ने जांच की थी, तब उसने यह बात क्यों नहीं कही।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जानकारी होने पर भी सच्चाई और सबूत छिपाना अपराध है।’’

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