दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम को हुए जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाके में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घटना इतनी शक्तिशाली थी कि आसपास की इमारतें हिल गईं और जमीन करीब 40 फीट तक कंपन महसूस हुआ। धमाका लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के ऊपर हुआ, जिसके ठीक नीचे से मेट्रो लाइन गुजरती है।
अगर सड़क या भूमिगत संरचना को ज्यादा नुकसान होता, तो मेट्रो संचालन पर गंभीर असर पड़ सकता था। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि विस्फोटक सामग्री एक कार में रखी गई थी, जो पूरी तरह जलकर खाक हो गई। CCTV फुटेज से धमाके की भयावहता साफ झलक रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन पर अचानक तेज कंपन हुआ, दुकानों पर रखा सामान गिरने लगा और यात्री घबराकर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना जोरदार था कि कई लोगों को शुरुआत में लगा जैसे कोई भूकंप आ गया हो।
15 नवंबर तक लाल किला आम पर्यटकों के लिए बंद
घटना के बाद मौके पर पुलिस, बम निरोधक दस्ते और फोरेंसिक टीमें पहुंचीं। मेट्रो स्टेशन को तत्काल खाली कराया गया और आसपास का इलाका सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। वहीं, आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) ने एहतियातन कदम उठाते हुए लाल किला स्मारक को 15 नवंबर तक आम पर्यटकों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है, ताकि क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
फिलहाल, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमाके के पीछे कौन-सी ताकतें जिम्मेदार हैं और कार किसकी थी। राजधानी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है।
धमाके से सुन्न पड़ गए थे सबके कान
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए धमाके की जद में आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियां आ गई थीं। धमाके के बाद इन गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जब धमाका हुआ था तब वहां जितने भी लोग खड़े थे थोड़ी देर तक उनके कान सुन्न पड़ गए थे। इस धमाके में 13 लोगों की जान चली गई थी। अभी भी लगभग दो दर्जन लोग धमाके में घायल हैं जिसमें 3 की हालत नाजुक बताई जा रही है।
