उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम एवं बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने मध्य प्रदेश राज्य के इन्दौर शहर में प्रदूषित पानी पीने से 10 लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। एक रिपोर्ट के मुताबि इंदौर में डायरिया फैलने की वजह दूषित पीने का पानी था, जिससे कम से कम चार (सरकारी आंकड़ों के मुताबिक) मरीजों की मौत हो गई और 1,400 से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए।

10 मौतें होने की बात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कही 
हालांकि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कम से कम 10 मौतें होने की बात कही है। मायावती ने एक्स पोस्ट कर कहा कि इन्दौर शहर में प्रदूषित पानी पीने से अनेक निर्दोष नागरिकों की मौत तथा अन्य अनेक लोगों के बीमार हो जाने की अति-दुखद एवं चौंकाने वाली ख़बर काफी चर्चा में है तथा ऐसी सरकारी ग़ैर-ज़िम्मेदारी व उदासीनता को लेकर लोगों में स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि पूरे देश भर में व्यापक आक्रोश भी स्वाभाविक है।

मायावती बोलीं-  ये सरकारी लापरवाही
उन्हों ने कहा कि  वैसे तो लोगों को ख़ासकर साफ हवा और पानी आदि मुहैया कराना हर सरकार की पहली ज़िम्मेदारी होती है, किन्तु यहाँ अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था की तरह ही बुनियादी जनसुविधा के सम्बंध में भी सरकारी लापरवाही व भ्रष्टाचार आदि काफी घातक साबित हो रहा है तथा परिवार उजड़ रहे हैं, यह अति-दुखद व अति-चिन्तनीय।

नागरिकों के जान से खिलवाड़ करने की घटना शर्मनाक
इस प्रकार की नागरिकों के जान से खिलवाड़ करने की शर्मनाक घटना की रोकथाम के लिये राज्य सरकार को सख़्त से सख़्त क़दम उठाते रहने की ज़रूरत है। साथ ही, केन्द्र की सरकार को भी इसका उचित संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई ज़रूर करनी चाहिये ताकि देश के किसी अन्य राज्य में ऐसी दर्दनाक घटनायें ना होने पायें। ‘स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप से चार लोगों की मौत हुई है। हालांकि, मुझे इस प्रकोप के कारण 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है।

पाइपलाइन में लीकेज के कारण पेयजल दूषित हुआ
भागीरथपुरा से लिए गए पेयजल के नमूनों की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर इस इलाके में हैजा फैलने के संदेह पर महापौर ने कहा कि इस बारे में स्वास्थ्य विभाग ही जानकारी दे सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बृहस्पतिवार को बताया था कि शहर के एक चिकित्सा महाविद्यालय की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा में पाइपलाइन में लीकेज के कारण पेयजल दूषित हुआ था।

उल्टी-दस्त के प्रकोप से 1,400 से ज्यादा लोग प्रभावित
सीएमएचओ ने हालांकि जांच रिपोर्ट का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया था। प्रशासन के अधिकारी भी इस रिपोर्ट के बारे मंई स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन में उस जगह लीकेज मिला है जिसके ऊपर एक शौचालय बना है। अधिकारियों का दावा है कि इस लीकेज के कारण ही पेयजल दूषित हुआ। भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप से गुजरे नौ दिनों में 1,400 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार रात तक की स्थिति के हवाले से बताया कि इस क्षेत्र के 272 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया जिनमें से 71 लोगों को छुट्टी दी जा चुकी है। अधिकारी ने बताया कि अस्पतालों में भर्ती 201 मरीजों में शामिल 32 लोग गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में हैं। 

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