महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने मुंबई के मानखुर्द इलाके में दुर्गा प्रतिमा को खंडित किए जाने के मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पंडाल में जाकर पूजा-अर्चना की और कहा कि यह देश हिंदुओं का है और यहाँ किसी भी तरह का ‘सर्वधर्म समभाव’ नहीं चलेगा। गुरुवार को उसी पंडाल में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने पहुंचकर आरती की। इस पूरे मामले में पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और 3 आरोपी अभी भी फरार है, जिनकी तलाश जारी है।

‘सबसे पहले हिंदुओं का हित’
नितेश राणे ने अपने भाषण की शुरुआत ‘जय श्री राम’ के नारे से की और कहा, “यह हमारा हिंदू राष्ट्र है। यहाँ सबसे पहले हिंदुओं का हित देखा जाएगा, उसके बाद किसी और का।” उन्होंने आरोप लगाया कि जब हिंदू शांत तरीके से अपने त्योहार मनाते हैं, तो कुछ लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब’ और ‘भाईचारे’ की बात करने वालों पर सवाल उठाया कि दुर्गा मां की मूर्ति खंडित होने पर वे सामने क्यों नहीं आए।

‘सरकार हिंदुत्व के विचारों की है’
राणे ने कहा कि राज्य में देवेंद्र फडणवीस (देवा भाऊ) की सरकार हिंदुत्व के विचारों पर चलती है और किसी को भी नहीं बख्शेगी। उन्होंने दावा किया कि वे और अन्य विधायक और मंत्री हिंदुओं के वोट से ही चुने गए हैं। उन्होंने कहा, “हमें किसी भी गोल टोपी और दाढ़ी वाले ने वोट नहीं दिया है।”

अपराधियों को चेतावनी
मूर्ति को खंडित करने वाले आरोपियों को चेतावनी देते हुए राणे ने कहा कि जो लोग अभी भी फरार हैं, उन्हें ‘चुन-चुन कर गिरफ्तार’ किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह देवा भाऊ की सरकार है, किसी को छोड़ेगी नहीं। यह अपने अब्बा को बता दें।” नितेश राणे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुंबई का डीएनए हिंदुत्व का डीएनए है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हिंदू त्योहारों पर कोई गलत नजर डालेगा, तो अगली बार उन्हें ईद और मुहर्रम के दौरान भी सोचना पड़ेगा।

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