दिल्ली पुलिस ने राजधानी और NCR में सक्रिय संगठित अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ अब तक का बड़ा अभियान चलाते हुए ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0 के तहत 48 घंटे तक लगातार छापेमारी की. 5 मई सुबह 8 बजे से शुरू हुआ यह ऑपरेशन 7 मई सुबह 8 बजे तक चला. जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में एक साथ कार्रवाई की गई.
इस दौरान पुलिस ने 1014 ठिकानों पर रेड मारी और कुल 482 अपराधियों व गैंग सदस्यों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार, नकदी, नशीले पदार्थ, शराब और वाहन भी बरामद किए. दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस बार ऑपरेशन में सिर्फ गैंगस्टरों को ही नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को निशाना बनाया गया. इसमें शूटर्स, हथियार सप्लायर, फर्जी सिम उपलब्ध कराने वाले, फाइनेंसर, वाहन उपलब्ध कराने वाले सोशल मीडिया हैंडलर और ठिकाने देने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की गई.
शाहजाद भट्टी नेटवर्क पर सबसे बड़ा वार
दिल्ली पुलिस के इस ऑपरेशन में पाकिस्तान समर्थित और ISI से जुड़े बताए जा रहे शाहजाद भट्टी नेटवर्क पर कार्रवाई रही. पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए भारत में युवाओं को जोड़कर उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल कर रहा था. इन लोगों से सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी, CCTV कैमरे लगवाने, हथियार और ड्रग्स की सप्लाई कराने और टारगेट किलिंग जैसे काम कराए जा रहे थे. स्पेशल सेल ने शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश और गुजरात के आरोपी शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों को दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग करने का टास्क दिया गया था. कुछ आरोपी हथियार तस्करी में भी शामिल थे.
नंदू गैंग समेत कई बड़े गैंग्स पर शिकंजा
ऑपरेशन के दौरान कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के 7 सदस्य गिरफ्तार किए गए. इसके अलावा काला जठेड़ी, हाशिम बाबा, टिल्लू, कौशल चौधरी, सद्दाम गौरी और अन्य गैंग्स के सदस्यों पर भी कार्रवाई हुई. पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा 443 गिरफ्तारियां दूसरे छोटे-बड़े गैंग्स से जुड़े अपराधियों की हुई हैं.
भारी मात्रा में हथियार और ड्रग्स बरामद
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 141 पिस्टल, 212 कारतूस, 79 चाकू, 24 वाहन ,करीब 19 लाख रुपये नकद, 19 किलो नशीला पदार्थ ,1234 शराब की बोतले बरामद किए है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जेलों और विदेशों में बैठे गैंग सरगनाओं के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए यह ऑपरेशन आगे भी जारी रहेगा.
