मुजफ्फरनगर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। जहां एक डॉक्टर पर अपनी ही घरेलू सहायिका (नौकरी करने वाली युवती) के साथ नशीला इंजेक्शन देकर बलात्कार करने और अश्लील वीडियो के जरिए उसे 14 महीने तक ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगा है। न्याय ना मिलने से हताश पीड़िता ने अब सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
मजबूरी का फायदा और हैवानियत की हदें
पीड़िता के अनुसार, मिमलाना रोड निवासी डॉक्टर सुलेमान ने उसे दो साल पहले घर के कामों के लिए नौकरी पर रखा था। एक दिन जब युवती की तबीयत खराब हुई, तो डॉक्टर ने इलाज के बहाने उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। बेहोशी की हालत में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और इस घिनौनी करतूत का वीडियो बना लिया। होश आने पर जब युवती ने विरोध किया, तो डॉक्टर और उसकी पत्नी आबिदा ने वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी देकर उसका मुंह बंद कर दिया। इस खौफ के साये में आरोपी पिछले 14 महीनों से युवती का यौन शोषण करता रहा।
पुलिस पर गंभीर सवाल और पीड़िता की हताशा
6 मार्च को हिम्मत जुटाकर पीड़िता ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन असली विवाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर खड़ा हुआ है। पीड़िता का दावा है कि पुलिस ने आरोपी को पकड़ा तो था, लेकिन चंद घंटों में ही उसे छोड़ दिया। पुलिस की इस ढिलाई से टूट चुकी युवती ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया, जिसमें उसने खुद को आग लगाकर जान देने की धमकी दी है। उसने अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
एक्शन में अधिकारी, जांच शुरू
वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने तत्काल हस्तक्षेप किया। जांच की कमान एसपी क्राइम इंदु सिद्धार्थ को सौंपी गई है। पुलिस अब वायरल वीडियो और पीड़िता के बयानों के आधार पर डॉक्टर सुलेमान और उसकी पत्नी आबिदा के खिलाफ सबूत जुटा रही है।
