उत्तर प्रदेश में छात्रा को आपत्तिजनक फोन कॉल करने और परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने का दावा करने के आरोप में लखनऊ विश्वविद्यालय के एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, प्राणिविज्ञान विभाग में कार्यरत 40 वर्षीय सहायक प्रोफेसर परमजीत सिंह ने 14 और 15 मई की रात बीएससी अंतिम वर्ष की एक छात्रा को फोन कर परीक्षा से पहले मिलने का दबाव बनाया था।

‘मुझे विश्वविद्यालय की राजनीति का शिकार बनाया जा रहा’ 
सोशल मीडिया पर शुक्रवार को वायरल हुए कथित ऑडियो क्लिप में आरोपी प्रोफेसर छात्रा से यह कहते हुए सुनाई दे रहा है, “डार्लिंग, तुम्हारा पेपर लीक हो गया है। परीक्षा से पहले घर पे आ जाओ, हम यहां पेपर दे देंगे।” जून 2022 से विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत सिंह ने पहले आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि विश्वविद्यालय और छात्र राजनीति की आंतरिक खींचतान के कारण उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई से पहले शुक्रवार को मीडिया से फोन पर बातचीत में परमजीत सिंह ने कहा था, “मैं इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करता हूं। विश्वविद्यालय की आंतरिक राजनीति के कारण मुझे निशाना बनाया जा रहा है।”

छात्रा को नहीं चाहिए था प्रश्नपत्र, फिर भी तंग करता रहा प्रोफेसर  
कथित ऑडियो में फोन कटने के बाद छात्रा यह कहती सुनाई दे रही है कि उसे प्रश्नपत्र नहीं चाहिए और प्रोफेसर फिर से उसे परेशान करने की कोशिश कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करते हुए हसनगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर देर रात विश्वविद्यालय परिसर से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय द्वारा मामले में जांच शुरू करने और “कतई न बर्दाश्त करना” की नीति अपनाने की घोषणा के बाद की गई।

आरोप सही सिद्ध होने पर होगी कड़ी कार्रवाई 
विश्वविद्यालय ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने दोनों पक्षों के तथ्यों पर विचार करने के बाद अपनी जांच पूरी कर ली है। विश्वविद्यालय के अनुसार, जांच रिपोर्ट सोमवार को कार्य परिषद की आपात बैठक में प्रस्तुत की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव ने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्राणिविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर अमिता कन्नौजिया ने कहा कि ऑडियो क्लिप उनके संज्ञान में आई है और उसमें सुनाई देने वाली आवाज आरोपी प्रोफेसर की प्रतीत होती है। पुलिस और विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में ऑडियो क्लिप का संबंध आरोपी प्रोफेसर से होने के संकेत मिले हैं।

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