झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. रविकुमार ने रविवार को सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक दशरथ गगराई पर चुनाव के दौरान फर्जी पहचान पत्र इस्तेमाल करने के आरोप की जांच करने का आदेश दिया।

रविकुमार ने बताया कि लालजी राम तियु नाम के व्यक्ति ने तीन बार खरसावां से विधायक रहे गगराई की पहचान पर सवाल उठाते हुए एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। विधायक ने आरोप को खारिज करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता को सत्ता में बैठे लोगों पर ऐसे आरोप लगाने की आदत है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा, “मैंने शिकायतकर्ता के हलफनामे के साथ शिकायत को सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह को जांच के लिए भेज दिया है।”

खुद को पूर्व सैनिक बताने वाले लालजी राम तियू ने आरोप लगाया कि “दशरथ गगराई के नाम से वर्तमान में विधायक पद पर आसीन व्यक्ति वास्तव में रामकृष्ण गगराई हैं, जो असली दशरथ गगराई के बड़े भाई हैं”।

शिकायतकर्ता ने 18 सितंबर को दिए गए एक हस्ताक्षरित हलफनामे में यह दावा किया। विधायक ने संपर्क करने पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आरोप निराधार हैं। दशरथ गगराई ने दावा किया, “मैंने हलफनामे और दस्तावेज जमा किए हैं, जिनकी विधानसभा चुनावों में तीन बार जांच की जा चुकी है। आरोप बेबुनियाद हैं। दरअसल, नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी शिकायतकर्ता अब जमानत पर बाहर हैं और सत्ता में बैठे लोगों पर ऐसे आरोप लगाने की उनकी आदत है।

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