नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने शुक्रवार को कहा कि तेजी से जटिल और चुनौतीपूर्ण होते समुद्री माहौल में वास्तविक समय में जानकारी एकत्र करने, उसका विश्लेषण करने और उसे साझा करने की क्षमता ‘‘निवारण और रक्षा दोनों को परिभाषित करेगी’’

नौसेना के नवीनतम नौसैनिक अड्डे आईएनएस अरावली का गुरुग्राम में उद्घाटन किये जाने के मौके पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ‘‘तेजी से जटिल और चुनौतीपूर्ण होते समुद्री वातावरण में, जहां खतरे तेजी से और अक्सर अदृश्य रूप से उभर सकते हैं, वास्तविक समय में जानकारी एकत्र करने, उसका विश्लेषण करने और साझा करने की क्षमता निवारण और रक्षा दोनों को परिभाषित करेगी।’

उन्होंने कहा, ‘‘जब हम आईएनएस अरावली को राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर रहे हैं, तो एक तरह से ये प्राचीन संरक्षक समुद्री क्षेत्र पर अपनी निगरानी बढ़ा रहे हैं। 1949 में अपनी साधारण शुरुआत से लेकर, इस परिसर ने पिछले 15 वर्षों में उल्लेखनीय विकास देखा है।’’

नौसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘जिस प्रकार अरावली की पहाड़ियां सदियों से अडिग रही हैं, उसी प्रकार आईएनएस अरावली हमारे समुद्रों की रक्षा करती रहेगी और हमारी साझेदारियों को मजबूत करेगी, जिससे भारतीय नौसेना किसी भी समय, कहीं भी, किसी भी तरह से हमारे राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा करने में सक्षम हो सकेगी।

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