गुजरात के बनासकांठा जिले में शुक्रवार तड़के एक भीषण बस हादसे ने मानवता को शर्मसार कर दिया। जैसलमेर के नाचना से अहमदाबाद जा रही ‘स्वागत ट्रेवल्स’ की एसी स्लीपर बस में आग लगने से खीनसर निवासी अम्बालाल (40 वर्ष) की दर्दनाक मौत हो गई जबकि 9 अन्य यात्री बुरी तरह झुलस गए।

लापरवाही की हद: यात्रियों ने दी थी चेतावनी

हादसे का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि यह टाला जा सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सांचौर के पास विरोल क्षेत्र में ही बस के पिछले हिस्से से चिंगारी और धुआं निकलने लगा था। पीछे बैठे यात्रियों ने चिल्लाकर चालक को बस रोकने को कहा लेकिन चालक ने अनसुना कर दिया और बस को तेज रफ्तार में भगाता रहा। जब तक उसने नेनावा पुलिस चौकी के पास बस रोकी तब तक बस ‘डेथ ट्रैप’ बन चुकी थी।

दवा लेने जा रहे अम्बालाल ने तोड़ा दम

मृतक अम्बालाल रामगढ़ में सिलाई का काम करते थे। वे पिछले चार साल से डायबिटीज से जूझ रहे थे और इसी के इलाज के लिए अहमदाबाद जा रहे थे। आग में वे 90% तक झुलस गए थे। उनके साथ-साथ भावना शाह, मनीषा माली, मालमसिंह, शरीफ खान और रतनसिंह जैसे कई यात्री इस आग की भेंट चढ़ गए।

पुरानी यादें हुई ताजा: हादसों का गवाह बना हाइवे

इस घटना ने 14 अक्टूबर 2025 के उस खौफनाक मंजर की याद दिला दी जब जोधपुर-जैसलमेर हाईवे पर 29 यात्रियों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी।

दिसंबर 2024: अजमेर रोड पर गैस टैंकर की टक्कर से 20 लोग जिंदा जले।

अक्टूबर 2025: दूदू में गैस सिलेंडरों के धमाके में टैंकर चालक की मौत।

नेताओं ने जताया दुख

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे हृदयविदारक बताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

जांच और नुकसान

जिला परिवहन अधिकारी टीकूराम के अनुसार बस का रजिस्ट्रेशन नीमच का था और कागजात पूर्ण थे। हालांकि आग इतनी भीषण थी कि यात्रियों के मोबाइल, गहने और कीमती दस्तावेज राख हो गए। शॉर्ट सर्किट को आग का प्राथमिक कारण माना जा रहा है।

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