महाराष्ट्र के घने और दुर्गम जंगलों में देश की सुरक्षा के लिए तैनात सी-60 कमांडो और सुरक्षा बलों ने एक बार फिर अपने अदम्य साहस और बेजोड़ रणनीति का लोहा मनवाया है। अपनी जान हथेली पर रखकर नक्सलियों के गढ़ में घुसने वाले इन जांबाज जवानों ने न केवल माओवादियों की साज़िशों को नाकाम किया, बल्कि भीषण गोलीबारी के बीच नक्सलियों के सुरक्षित ठिकानों को भी नेस्तनाबूद कर दिया। जवानों के इस अटूट हौसले का ही परिणाम है कि भारी चुनौतियों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद नक्सलियों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पिछले 24 घंटे से जारी मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया, जबकि एक सी-60 कमांडो घायल हो गया। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मंगलवार शाम को प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की कंपनी नंबर 10 के उग्रवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद भामराग के एसडीपीओ के नेतृत्व में 14 सी-60 यूनिटों के साथगढ़चिरौली-नारायणपुर सीमा पर फोडेवाड़ा गांव के पास यह अभियान शुरू किया गया।

परिणामस्वरूप दो नक्सली शिविरों का भंडाफोड़ हुआ। इस दौरान नक्सलियों का सामान बरामद हुआ, हालांकि दुर्गम इलाके और घने जंगल के कारण नक्सलियों का पता नहीं लगाया जा सका। बृहस्पतिवार की सुबह मौजूदा घेराबंदी के तहत अतिरिक्त चार सी-60 यूनिट और सीआरपीएफ की क्यूएटी की एक यूनिट को तैनात किया गया।’’ अधिकारी ने कहा कि आज सुबह से मुठभेड़ जारी है और अब तक एक नक्सली का शव बरामद किया गया है।

उन्होंने कहा कि एक एके-47 राइफल और एक सेल्फ-लोडिंग राइफल भी बरामद की गई है। अधिकारी ने कहा, ‘‘मारे गए नक्सली की पहचान अभी नहीं हो पाई है। अन्य माओवादियों के घायल होने या मारे जाने की संभावना का पता लगाया जा रहा है। आज शाम सी-60 के एक जवान को गोली लग गई जिसे निकालने की प्रक्रिया जारी है। मुठभेड़ और तलाशी अभियान समाप्त होने के बाद अधिक जानकारी मिल सकेगी।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights