अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमले के बाद अब तेहरान में ‘‘सत्ता परिवर्तन’’ की संभावना के बारे में भी विचार कर रहे हैं। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान अमेरिकी बलों के खिलाफ कार्रवाई करता है तो उस पर और हमले किए जाएंगे। ट्रंप ने ईरान में ‘‘सत्ता परिवर्तन’’ की संभावना के बारे में भी विचार किया है जबकि उनके प्रशासन के अधिकारियों ने पहले संकेत दिया था कि वे ईरान के साथ वार्ता फिर से शुरू करना चाहते हैं।

वहीं, इजराइल की सेना ने सोमवार को कहा कि वह ईरान के पश्चिमी शहर केरमानशाह के आसपास हमले कर रही है।

इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध में अब अमेरिका भी कूद पड़ा है। उसने ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमला किया है जिससे इस क्षेत्रीय संघर्ष के और फैलने का खतरा बढ़ गया है।


इस अभियान ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम में क्या बचा है और उसकी कमजोर सेना कैसे इस हमले का जवाब दे सकती है? इस संघर्ष के बढ़ने से तेल की कीमतों में उछाल आया है।

अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु केंद्रों पर मिसाइलों और 30,000 पाउंट के बंकर-बस्टर बमों से हमला किया है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ईरान ने कहा कि अमेरिका ने ‘‘हद पार कर दी है।’’

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ‘सीबीएस’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘आइए, सीधे बातचीत करते हैं।’’

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ के अनुसार, देश के सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली अकबर विलायती ने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर हमला करने के लिए जिस भी देश का इस्तेमाल किया, वह ‘‘हमारे सशस्त्र बलों के लिए वैध लक्ष्य के दायरे में होगा।’’

उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया में अमेरिका के हजारों सैनिक तैनात हैं।

इस बीच, उत्तर कोरिया ने ईरान पर अमेरिकी हमलों की निंदा की है।

उत्तर कोरिया ने कहा है कि वह ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हमले की ‘‘कड़ी निंदा’’ करता है तथा उसने इसे ईरान की क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा हितों का गंभीर उल्लंघन बताया है।

उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा कि अमेरिका और इजराइल सैन्य बल प्रयोग से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा रहे हैं और उन्होंने ‘‘न्यायसंगत सोच वाले अंतरराष्ट्रीय समुदाय’’ से इसके खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया।

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के परमाणु केंद्रों को ‘‘भारी क्षति’’ पहुंची है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा है कि अमेरिका के हमले में ईरान के परमाणु केंद्रों को ‘‘भारी क्षति’’ पहुंची है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

ईरान ने भी यह नहीं बताया है कि हमले में कितना नुकसान हुआ है। उसने अभी तक इजराइल के हमले में हुए नुकसान के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी है।

ईरान ने संभवतः अमेरिकी हमलों से पहले परमाणु केंद्रों के पास बनी सुरंगों को भर दिया था।

अमेरिका के एक परमाणु अप्रसार संगठन द्वारा उपग्रह तस्वीरों के विश्लेषण से पता चलता है कि ईरान ने संभवतः रविवार की सुबह अमेरिकी हमलों से पहले इस्फहान में अपने परमाणु स्थल पर बनी सुरंगें भर दी हैं।

अमेरिका स्थित ‘इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी’ ने ‘एयरबस’ द्वारा ली गई उपग्रह तस्वीरों को प्रकाशित किया, जिसमें शुक्रवार को परमाणु केंद्र पर सुरंगों में ट्रकों से मिट्टी भरते देखा जा सकता है।

संगठन ने कहा कि अमेरिकी हमले ने संभवतः सुरंग के प्रवेश द्वारों को निशाना बनाया।

संगठन के अनुसार, ‘‘चार सुरंगों में से कम से कम तीन के प्रवेश द्वार ढह गए हैं। चौथे की स्थिति स्पष्ट नहीं है।’’
 

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