कोलकाता में हुए गैंगरेप मामले के मुख्य आरोपी मोनोजीत मिश्रा उर्फ मैंगो मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह पीड़िता को उसके बनाये गए अश्लील वीडियो के ज़रिए ब्लैकमेल करना चाहता था। उसे उम्मीद थी कि वीडियो वायरल होने के डर से पीड़िता पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने नहीं जाएगी। इसलिए आरोपी ने उसका का वीडियो बनाया था, लेकिन पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया।

कई बार किया था प्रपोज, लेकिन जब नहीं मानी तो…
पुलिस के सामने आरोपीयों ने बताया कि मैंगो की नज़र पीड़िता पर शुरू से थी। उसने पीड़िता को प्रपोज भी किया था और कॉलेज यूनियन का महासचिव बनने का प्रलोभन दिया था, जिसे पीड़िता ने ठुकरा दिया। आरोपीयों के मुताबिक, मैंगो ने योजना बनाई थी कि परीक्षा फॉर्म जमा कराने के बहाने पीड़िता कॉलेज कैंपस आएगी, जहां वे उसे रोक कर रखेंगे।

वीडियो बनाने के लिए गार्ड के फोन का किया इस्तेमाल
पुलिस ने घटना स्थल से कई अहम सबूत बरामद किए हैं, जिनमें अश्लील वीडियो बनाने के लिए गार्ड के फोन का इस्तेमाल शामिल है। जांच के लिए चादर को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।

क्या कैंपस में पुलिस आई- आरोपी ने कर्मचारी को फोन कर पूछा
कोलकाता पुलिस के अनुसार, घटना के अगले दिन मैंगो मिश्रा ने कॉलेज के एक कर्मचारी से फोन पर बात की और पूछा कि क्या पुलिस कैंपस में आई है। जब उसे पता चला कि पुलिस उसके पीछे है, तो उसने वकील दोस्तों और कॉलेज के सीनियर्स से मदद मांगी, लेकिन सभी ने मना कर दिया। 26 जून की शाम को मैंगो और एक अन्य आरोपी प्रमित को पुलिस ने बल्लीगंज रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया।

बार काउंसिल ने रद्द की आरोपी की सदस्यता
इस बीच, पश्चिम बंगाल बार काउंसिल ने बुधवार को मनोजीत मिश्रा की वकालत सदस्यता रद्द कर दी है और उसका नाम वकीलों की सूची से हटा दिया है। बार काउंसिल के चेयरमैन अशोक दबे ने बताया कि इस संबंध में एक विशेष बैठक हुई। घटना के विरोध में कोलकाता के लॉ कॉलेज के छात्रों ने भी प्रदर्शन किया है। पुलिस ने मामले में कॉलेज की प्रिंसिपल से भी पूछताछ की है।

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