जिले में ‘किसान सम्मान निधि’ दिलाने के बहाने एक दलित किसान की जमीन हड़पने के आरोप में अदालत के आदेश पर पांच लोगों के खिलाफ सोमवार को मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस क्षेत्राधिकारी चमन सिंह चावड़ा ने बताया कि गोपीगंज थाना क्षेत्र के केदारपुर गांव निवासी दलित किसान भरत लाल (56) ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार सिंह की अदालत में पिछली 14 अगस्त को एक याचिका दायर की थी, जिस पर अदालत के 18 अक्टूबर को दिये गये आदेश पर आज मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

सरकारी योजना का लाभ दिलाने का दिया झांसा
उन्होंने बताया कि भरत लाल ने अदालत में दायर याचिका में कहा था कि उसके बैंक खाते में सरकारी योजना ‘किसान सम्मान निधि’ का धन नहीं आ रहा था और उसने अपने एक रिश्तेदार गुलाब धर गौतम को इस बारे में बताया था जिस पर गौतम ने उसे खतौनी (राजस्व रिकॉर्ड) लेकर राजेंद्र निगम, गुडडू, डॉक्टर ह्रदय नारायण और काशीनाथ नामक व्यक्तियों से मिलवाया था।

कागजों में हेराफेरा कर हड़पी जमीन
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, याचिका में भरत लाल ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने 23 फरवरी 2023 को उसे रजिस्ट्री कार्यालय में बुलाकर कई कागजों और एक चेक पर उसका अंगूठा लगवाया गया और फोटो भी ली। उन्होंने बताया कि काफी दिनों तक किसान के खाते में धन नहीं आने पर भरत ने अपने भतीजों महेंद्र और मुकेश को बताया और दोनों ने पड़ताल की तो पता लगा कि गौतम और उसके साथियों ने वह जमीन धोखाधड़ी से किसी राजेंद्र निगम नामक व्यक्ति के हाथों डेढ़ लाख रुपये में बेच दी है।

अदालत के आदेश पर पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
अधिकारियों के मुताबिक, आठ जुलाई 2025 की सुबह आरोपियों ने भरत लाल को रजिस्ट्री करने के लिये बुलाया मगर उसने धोखाधड़ी का पता लगने पर आने से मना कर दिया। इस पर आरोपियों ने उसे लाठी-डंडों से पीट कर घायल कर दिया। भरत लाल का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने बताया कि अदालत के आदेश पर पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।

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