बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान से चंद दिन ही पहले मोकामा विधानसभा क्षेत्र में दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दुलारचंद यादव की हत्या ने मोकामा से लेकर राजधानी पटना तक की राजनीति को हिला कर रख दिया है। लालू यादव के पुराने सहयोगी रहे, दुलारचंद यादव बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सक्रिय रूप से जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में थे। अब उनकी हत्या के बाद मोकामा की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। दुलारचंद की हत्या के आरोप में बाहुबली अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। आइए जानते हैं कौन थे दुलारचंद यादव जो इन दिनों बिहार की राजनीति में चर्चा में बने हुए हैं।

दुलारचंद यादव कौन थे?

दुलारचंद यादव के बारे में कहा जाता है कि मोकामा के एक गांव है तारतार, जहां दुलारचंद का जन्म हुआ था। उनके बारे में बताया जाता है कि पहले वो पहलवानी किया करते थे। खबरों के मुताबिक पहलवानी करते-करते वह दबंगई भी करने लगे थे। करीब 1990 में लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री बने तो वो उनके सपोर्ट में आ गए। इसके कई सालों बाद बाद धीरे-धीरे उनकी नजदीकी नीतीश कुमार से भी बढ़ी और ये उनके साथ-साथ रहने लगे।

विवादों में घिरा रहा दुलारचंद यादव का इतिहास

दुलारचंद यादव का इतिहास कई विवादों से घिरा हुआ रहा है। कहा जाता है कि साल 2019 में कुख्यात गैंगस्टर’ बताकर पटना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। एक अन्य खबर के मुताबिक साल 2002 में उन्हें घोसबरी के आपराधिक-सामाजिक हिंसा के मामले में भी जोड़ा गया था।

कई बार जेल जा चुके हैं

दुलारचंद यादव के बारे में कहा जाता है कि वह एक या दो बार नहीं, बल्कि 30-32 बार जेल जा चुके हैं। दुलारचंद यादव कभी चोरी और कभी हत्या की कोशिश में जेल जा चुके हैं। कई बार वह मारपीट के लिए भी जेल जा चुके हैं।

अनंत सिंह का कट्टर विरोध

खबरों के मुताबिक दुलारचंद यादव अनंत सिंह के कट्टर विरोधी थे। हालांकि एक समय था जब दुलारचंद अनंत सिंह की तारीफ में खूब कसीदे पढ़ते थे, लेकिन उनकी हत्या के मामले में सबसे पहले अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया है।

पीयूष प्रियदर्शी के लिए चुनाव-प्रचार

गौरतलब है कि मौजूदा समय में यानी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 वो प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के साथ घूम रहे थे। खबरों के मुताबिक दुलारचंद यादव पीयूष प्रियदर्शी के काफिले में ही थे जब उनके ऊपर गोली चली।

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