17 मई, 2026 यानी आज से अधिकमास की शुरुआत हो रही है और इसका समापन 15 जून को होगा। सनातन धर्म में अधिक मास का खास महत्व है। इस माह को पुरुषोत्तम या मलमास भी कहा जाता है। इस दौरान किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य करने की सख्त मनाही होती है। माना जाता है कि यह यह माह श्री हरि को समर्पित होता है। इस दौरान पूजा-पाठ, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना करने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। साथ ही जीवन की हर परेशानी से छुटकारा मिलता है और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। इस माह किए गे दान-पुण्य या पूजा पाठ का उल कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि अधिकमास में आने वाले व्रत और त्योहर बहुत शुभ माने जाते हैं और इनका महत्व भी कई गुना बढ़ जाता है।

17 मई 2026 रविवार- अधिकमास शुरू
19 मई 2026 मंगलवार – बड़ा मंगल
20 मई 2026 बुधवार- वरदा चतुर्थी
21 मई 2026 गुरुवार- अधिक स्कन्द षष्ठी, गुरु पुष्य नक्षत्र
23 मई 2026 शनिवार- अधिक मासिक दुर्गाष्टमी
25 मई 2026 सोमवार- गंगा दशहरा
26 मई 2026 मंगलवार – बड़ा मंगल
27 मई 2026 बुधवार- अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी और पद्मिनी एकादशी
28 मई 2026 बृहस्पतिवार- गुरु प्रदोष व्रत
31 मई 2026 शनिवार-अधिकमास पूर्णिमा व्रत
3 जून 2026, बुधवार – विभुवन संकष्टी चतुर्थी
6 जून 2026, शनिवार – मृत्यु पंचक
8 जून 2026, सोमवार – अधिक कालाष्टमी
11 जून 2026, गुरुवार – परम एकादशी
12 जून 2026, शुक्रवार – शुक्र प्रदोष व्रत
13 जून 2026, शनिवार – अधिक मासिक शिवरात्रि
15 जून 2026 – ज्येष्ठ अधिकमास अमावस्या, मिथुन संक्रांति, अधिकमास समाप्त

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