उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आजम खान को बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को आजम खान की इस लंबित मामले में जमानत मंजूर कर ली है। इससे माना जा रहा है कि उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो जाएगा।

आजम खान के खिलाफ दर्ज हैं 200 से ज्यादा मामले
मोहम्मद आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ लगभग 200 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। अकेले आजम खान पर ही करीब 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। यही एक मामला लंबित था, जिसमें हाईकोर्ट ने गुरुवार को जमानत दे दी।

20 सितंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश 
जमानत की राहत के साथ ही आजम खान को एक बड़ा झटका भी लगा। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने शत्रु संपत्ति मामले में दाखिल एडिशनल चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 467, 471 और 201 के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। ये आरोप रिकॉर्ड रूम के दस्तावेजों में हेराफेरी और साक्ष्य मिटाने से जुड़े हैं। कोर्ट ने आजम खान को 20 सितंबर को अपनी अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।

मामला कैसे बढ़ा?
शत्रु संपत्ति को नष्ट करने के आरोपों में पहले रामपुर पुलिस ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को क्लीन चिट दे दी थी। लेकिन जब यह मामला राज्य सरकार तक पहुंचा तो फिर से जांच करने का आदेश दिया गया। जांच के दौरान पुलिस ने एडिशनल चार्जशीट दाखिल की और आरोपों को गंभीर बताया। आजम खान के वकीलों ने कोर्ट से अपील की कि इस चार्जशीट पर ध्यान ना दिया जाए, लेकिन अभियोजन पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई सही ठहराई। बुधवार को दोनों पक्षों की बहस पूरी हुई और गुरुवार को कोर्ट ने आदेश देते हुए आरोपों का संज्ञान लिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी रामपुर कोर्ट की नई कार्रवाई ने आजम खान की रिहाई पर रोक लगा दी है। अब 20 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह सुनवाई उनके राजनीतिक और कानूनी भविष्य के लिए बहुत अहम होगी।

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