उत्तर प्रदेश के आगरा में अवैध धर्मांतरण मामले में यूपी पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। यूपी पुलिस ने गोवा से आयशा नामक महिला को अरेस्ट किया है जो कि अवैध धर्मांतरण का पूरा गिरोह चलाती थी। मामले में यूपी पुलिस ने गोवा पुलिस से संपर्क किया इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए महिला को अरेस्ट किया है।
कई देशों से होकर भारत पहुंचता था पैसा
पुलिस ने बताया कि आयशा को लश्कर समेत कई विदेशी संगठनों से फंडिंग होती थी। इसके बाद वह गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को बरघलाकर धर्म परिवर्तन कराती थी। पुलिस ने महिला के पास से लैपटॉप, बैंक डिटेल्स, मोबाइल और कई दस्तावेज मांगे हैं। अब तक की जांच में सामने आया है कि उसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला है।
जांच में सामने आया कि कनाडा में रहने वाला दाऊद अहमद यूके, अमेरिका, यूएई जैसे देशों से पैसे को भारत भेजता था ताकि कोई लिंक सामने ना आए। दाऊद अहमद इन देशों के जरिए गोवा में बैठी आयशा उर्फ एसबी कृष्णा को पैसे भेजता था। इसके बाद इंडिया में आयशा उन पैसों को अलग-अलग राज्यों में भेजती थी।
आयशा का पति बनाता था दस्तावेज
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आयशा का पति शेखर राय उर्फ हसन कोलकाता से धर्म परिवर्तन के लिए काम में आने वाले जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करवाता था। जैसे नाम बदलवाने की प्रक्रिया, फर्जी पहचान पत्र बनवाना आदि।इसके अलावा इस मामले में दिल्ली से अरेस्ट हुआ मुस्तफा उर्फ मनोज नाबालिग लड़कियों को नई जिंदगी दिखाकर बहकाता था।
लड़कियों को बसों से भेजा जाता था
इसके अलावा जांच में सामने आया कि लड़कियों को बसों से भेजा जाता था ताकि पुलिस और उनके परिजन उन्हें ट्रेस नहीं कर पाए। इसके अलावा वह लड़कियों को नई सिम की व्यवस्था भी करवाता था। अब तक कितनी लड़कियों का धर्म परिवर्तन हुआ है इसको लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
