लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून और ऋण माफी सहित विभिन्न मांगों को लेकर हरियाणा में अंबाला के निकट शंभू सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसान की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी गुरदासपुर के सरदार ज्ञान सिंह की मौत बेहद दुखद समाचार है। श्रद्धांजलि! उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भाजपा से इलेक्टोरल बॉन्ड के साथ-साथ किसान आंदोलनों में हुई किसानों की मौत का हिसाब भी माँगे। जीवन देनेवाले का जीवन लेनेवाले लोगों का अब अंत समय आ गया है।

आप को बता दें कि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून और ऋण माफी सहित विभिन्न मांगों को लेकर हरियाणा में अंबाला के निकट शंभू सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों में शामिल 63 वर्षीय एक बुजुर्ग किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि ज्ञान सिंह ने सुबह छाती में दर्द की शिकायत की जिसके बाद उन्हें पंजाब के राजपुरा में सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां से उन्हें पटियाला के राजेन्द्र अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वहीं किसान संगठन का आरोप है कि आंसू गैस छोड़े जाने से किसान की मौत हुई है।

बुजुर्ग किसान पंजाब के गुरुदासपुर जिले से थे और किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च में शामिल होने के लिए दो दिन पहले शंभू सीमा पहुंचे थे। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के वास्ते ‘दिल्ली चलो’ का आह्वान किया है। किसानों ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी की ओर मार्च शुरू किया लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें दिल्ली और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमाओं पर रोक दिया। प्रदर्शनकारी किसान तबसे सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। इस मुद्दे पर किसान नेताओं और केन्द्रीय मंत्रियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता बृहस्पतिवार देर रात बेनतीजा रही और अब दोनों पक्षों के बीच अगले दौर की बैठक 18 फरवरी को होगी

 

 

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