राजनीति में माहिर खिलाड़ी हर चाल को टाइमिंग देखकर चलता है। सीएम अशोक गहलाेत ने गुरुवार को बगैर नाम लिए सचिन पायलट पर निशाना साधा और कहा कि जो नेता पार्टी के प्रति लॉयल नहीं होते है, वे कभी कामयाब भी नहीं हो सकते है। मैं हमेशा सबको साथ लेकर चला हूं, कभी थारी म्हारी नहीं की और यहीं वजह है कि सोनिया गांधी ने तीन बार सीएम बनने का मौका दिया।
धारीवाल का इशारा 1998 में मुख्यमंत्री बनने के मौके को लेकर था। इस बयान के बाद ही जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भाषण देने के लिए आए तो उन्होंने इसका खंडन कर दिया और कहा कि मैंनें सबका विश्वास जीता है। बस मेरे विचार और काम करने के तरीके अलग थे।
अशोक गहलोत ने पुरानी बातें बताते हुए कहा कि एक जमाना था जब धारीवाल भी मेरे खिलाफ थे, लेकिन इस बात को मैनें दिल से नहीं लगाया था। साल 1998 में पहली बार अपना मंत्रिमंडल बनाया था तो ऐसे नेताओं को मंत्री बनने का मौका दिया जो पार्टी और आलाकमान के प्रति समर्पित थे और यही भावना हमेशा रखी है।
कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने बाउ जी के नाम से मशहूर नवलकिशोर शर्मा का एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि मैं उनका पक्का चेला था लेकिन गहलोत ने जब पहली बार मंत्री बनाने के लिए कहा तो मैं बाउजी के पास गया। उनको बताया तो मुझे कहा कि आज से तेरा हैड मास्टर अशोक गहलोत हैं। आगे से गहलोत का हर हुक्म मानना होगा। कार्यक्रम में कई मंत्री, विधायक और नवलकिशोर शर्मा के पुत्र खादी बोर्ड चेयरमैन बृजकिशोर शर्मा मौजूद थे।
