“हमने दो बच्चों को पहले ही कंधा दिया था, अब तीसरी औलाद भी चली गई… किसके लिए जिएं अब?” — ये कराह भरी पुकार है लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के विनोद कुमार और मंजू देवी की, जिन्होंने राजस्थान के बारां जिले में हुए एक भीषण सड़क हादसे में अपनी बेटी जया शर्मा को खो दिया।

विनोद, जो लखनऊ के अमीनाबाद में कॉस्मेटिक की दुकान चलाते हैं और उनकी पत्नी मंजू, एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। उनके पांच बच्चे थे — पिंकी, सोनाली, अभिषेक, जया और हर्षित। लेकिन पिछले 10 सालों में उनकी जिंदगी एक के बाद एक त्रासदियों से भरती चली गई।

तीन हादसे, तीन जीवन, एक बिखरता परिवार
– 17 अप्रैल 2014: सबसे बड़ी बेटी सोनाली की एक सड़क दुर्घटना में मौत।

– 22 अगस्त 2022: इकलौते बेटे अभिषेक का एक्सीडेंट में निधन।

– अब जुलाई 2025: तीसरी संतान जया की भी एक कार हादसे में मौत हो गई।

शनिवार देर रात राजस्थान के बारां जिले में तेज रफ्तार कार एक पिकअप वाहन से टकरा गई। हादसे में कार सवार चार लोगों की जान चली गई, जिनमें लखनऊ की जया शर्मा, नमन चतुर्वेदी (25), गोरखपुर की अंशिका मिश्रा और दिल्ली के राहुल प्रकाश (30) शामिल थे।

चारों युवक-युवतियां कोटा जा रहे थे। बताया जा रहा है कि कार की गति अत्यधिक तेज थी, जिससे नियंत्रण बिगड़ा और वह पिकअप से जा भिड़ी। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। पुलिस और राहगीरों ने कार काटकर घायलों को बाहर निकाला। लेकिन तब तक तीन की मौके पर ही मौत हो गई थी। जया को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

जया की मौत से टूटा परिवार
जया की मौत की खबर जैसे ही लखनऊ स्थित उनके घर पहुंची, मातम पसर गया। मां मंजू ने रोते हुए कहा, “तीन बच्चों की अर्थी देख ली… अब जीवन में क्या बचा है?” पिता विनोद की आंखें सूनी हो गई हैं, वह बोल तक नहीं पा रहे।

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