भारतीय समाचार चैनल ‘विओन’ के साथ एक साक्षात्कार में उन्हाेंने यह बात कही। श्रीमती हसीना ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बाेलते हुए उन्हें ‘गैर-निर्वाचित चरमपंथी’ करार दिया। उन्हाेंने यूनुस की पाकिस्तान से नजदीकी को ‘इतिहास-विरोधी’ कहा और भराेसा जताया कि अगले साल के चुनावों में अवामी लीग की वापसी हाेगी।

सुश्री हसीना का यह साक्षात्कार बांग्लादेश में बुधवार काे देशव्यापी लॉकडाउन और गुरूवार काे पूर्ण बंद के बीच आया है जाे हसीना के खिखाफ देश में चल रहे मुकदमे के विराेध में आयाेजित किया गया है। मुकदमें का फैसला 17 नवंबर को आना है। वर्तमान समय में बांग्लादेश में उनकी पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगे हुए हैं।

इस बीच हसीना ने भारत को ‘पुराना मित्र’ बताते हुए यूनुस सरकार की ‘अराजकता’ पर कटाक्ष किया।

अपने भविष्य के बारे में पूछे जाने पर उनका जवाब था, ” मेरा ध्यान बांग्लादेश की स्थिरता पर है। अवामी लीग करोड़ों लोगों का प्रतिनिधित्व करती है। चुनाव तब तक निष्पक्ष नहीं हाेंगे जब तक हम पर प्रतिबंध रहे। यह लाखों मतदाताओं काे वंचित करेगा। लेकिन अवामी लीग सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए वह सरकार या विपक्ष में बैठने के लिए तैयार है।”

उन्हाेंने दाेहराया की उनकी पार्टी पर लगाया गया प्रतिबंध असहनीय है और इसे कानूनी-शांतिपूर्ण तरीके से चुनौती दी जाएगीे। उन्हाेंने कहा, ” बांग्लादेश लोगों का है, दमन से शासन नहीं टिकेगा।”

बांग्लादेश में पिछले साल 2024 के बाद की स्थिति के बारे में उन्हाेंने कहा, ” मेरे पिता शेख मुजीब के घर को जलाना राष्ट्र के सिद्धांतों को मिटाने का प्रयास था। चरमपंथी हमारी पहचान बदल रहे हैं। जुलाई से अराजकता फैली। पत्रकार चुप, अल्पसंख्यक डरे, महिलाएं हाशिए पर। यूनुस ने आतंकवादियों को रिहा किया, ‘जुलाई योद्धाओं’ को छूट दी, जिन्होंने पुलिस स्टेशन जलाए। अर्थव्यवस्था पतन की ओर है और कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हाे गई है।” उन्हाेंने आराेप लगाया कि इस समय बांग्लादेश में न्याय बदले का हथियार बन गया है और अपराधी पद पा रहे है।

बांग्लादेश और उनके बारे में भारत के रूख के बारे पूछे जाने पर उन्हाेंने कहा , “भारत पुराना मित्र है। स्वागत के लिए धन्यवाद। भारत चिंतित है—हिंदू उत्पीड़न, आर्थिक साझेदारियां टूट रही हैं। यूनुस स्थिरता नहीं दे सकते। लेकिन हमारे संबंध गहरे हैं। बांग्लादेश में ‘समझदार लाेगाें की सरकार’ लौटेगी।

यूनुस की पाकिस्तान से नजदीकी के प्रश्न पर शेख हसीना ने कहा,” सभी के साथ मित्रता, किसी से दुश्मनी नहीं। लेकिन यूनुस का झुकाव हताशा दर्शाता है। पाकिस्तान ने 1971 के लिए माफी नहीं मांगी, फिर भी यूनुस उन्हें लुभा रहा है। यूनुस के पास जनादेश नहीं है। चरमपंथी हमारी नींव हिलाना चाहते है, लेकिन इतिहास पलटेगा। स्वतंत्र वोट से विदेश नीति राष्ट्रीय हितों की सेवा करेगी”।

By editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights