मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को लखनऊ पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से किसान समस्याओं और नीतिगत सुधारों को लेकर विस्तृत वार्ता की गई। मुख्यमंत्री ने किसानों की बेहतरी को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र को मजबूत और किसानों को स्वावलंबी बनाने के लिए सरकार निरंतर बड़े कदम उठा रही है।
लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर हुई इस बैठक में भाकियू (अ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश चौहान, पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान, राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, प्रदेश अध्यक्ष हरनाम सिंह वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र रंधावा, युवा शाखा के प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह, कोषाध्यक्ष बिंदु कुमार और अतुल बालियान शामिल रहे।बैठक के दौरान किसान नेताओं ने गन्ना मूल्य बढ़ोतरी पर मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए विभिन्न लंबित मुद्दों को उनके समक्ष रखा। धर्मेंद्र मलिक ने गन्ना क्रय केंद्रों पर लगाए जाने वाले भाड़े को समाप्त करने, धान खरीद में पारदर्शिता बढ़ाने, मोरना शुगर मिल के विस्तार, तथा गंगा एक्सप्रेस-वे का रूट बिजनौर जनपद से निकाले जाने जैसे प्रस्तावों पर सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
अशोक बालियान ने किसान कल्याण से जुड़ी नीतियों के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया और इन मामलों में ठोस पहल की अपेक्षा जताई।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है और आने वाले समय में भी किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। सकारात्मक माहौल में समाप्त हुई यह बैठक कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर आगे की कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
