मनोज पाल

मुज़फ्फरनगर | भारत की महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ भारत ने पहली बार आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया।भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 298 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज़ शैफाली वर्मा ने 87 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 63 रन जोड़े। स्मृति मंधाना ने भी 45 रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी।जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 45.3 ओवर में 246 रन पर सिमट गई। कप्तान लॉरा वुल्वार्ड्ट ने संघर्षपूर्ण 101 रनों की पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज़ भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके। भारत की दीप्ति शर्मा ने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 5 विकेट झटके और फाइनल की हीरो रहीं।

यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। इससे पहले भारतीय टीम 2005 और 2017 में फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन खिताब जीतने से चूक गई थी।जीत के बाद मैदान पर भावनात्मक नज़ारे देखने को मिले — खिलाड़ियों ने तिरंगे में लिपटकर एक-दूसरे को गले लगाया और पूरे स्टेडियम में “भारत माता की जय” के नारे गूंज उठे।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट कर भारतीय टीम को ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। बीसीसीआई ने घोषणा की कि पूरी टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए विशेष सम्मान और इनाम दिया जाएगा।यह जीत न केवल भारतीय महिला क्रिकेट की ताकत का प्रमाण है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का भी प्रतीक बन गई है।

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