भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) ने महिला एकदिवसीय विश्वकप 2025 में लगातार दूसरी दर्ज करने के बाद कहा कि पिच बल्लेबाजी के लिए आसान नहीं थी।

पाकिस्तान को 88 रनों से हराने के बाद हरमनप्रीत ने कहा, सच कहूं तो बल्लेबाजी करने के लिए पिच आसान नहीं थी। हम बस लंबे समय तक खेलना चाहते थे और देखना चाहते थे कि कितने रन बन सकते हैं। जब हमने यहां मई में त्रिकोणीय सीरीज खेली थी, तब पिचें अलग थीं, लेकिन पिछले दो दिनों की बारिश के कारण पिच थोड़ा रुक रही थी।

मुख्य बात यह थी कि अंत तक विकेट बचाकर रखें, ताकि योजनाओं को लागू किया जा सकें।

उन्होंने कहा,  सुधार करने के लिए बहुत से क्षेत्र हैं, लेकिन अभी मैं खुश हूं कि हम ये मैच जीते। हम बस उसी गति से आगे बढ़ना चाहते हैं। अब हम भारत लौटेंगे, जहां हमें पता है कि पिचें कैसी होंगी। देखते हैं कि हम कौन सा सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन बना सकते हैं और कैसे रोज थोड़ा-थोड़ा बेहतर हो सकते हैं।

श्रीलंका के खिलाफ पहले मैच की तरह ही भारत की निचली क्रम की बल्लेबाजी ने टीम को बचाया और चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। बल्लेबाजी के दौरान भारत लय पाने के लिए संघर्ष करता रहा। एक समय भारत का स्कोर 203 रन पर 7 विकेट था और टीम ऑलआउट होने की कगार पर थी, लेकिन ऋचा घोष के नाबाद 35 रन (20 गेंद) ने स्कोर को 247 तक पहुंचा दिया।

इसके बाद तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शुरुआती विकेट लिये। फिर बाकी का बचा काम दीप्ति शर्मा और स्नेह राणा ने किया। गौड़ को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

उन्होंने शुरुआती 10 ओवरों में ही दो विकेट लेकर पाकिस्तान को पीछे धकेल दिया। गौड़ ने बहुत तेज गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए नई गेंद को इधर-उधर घुमाया और पिच से मिलने वाली उछाल से बल्लेबाजों को परेशान किया।

भारत का क्षेत्ररक्षण निराशाजनक रहा। उन्होंने चार कैच छोड़े, जिनमें से तीन पाकिस्तान की शीर्ष स्कोरर सिदरा अमीन के थे। अब भारत अपने अगले दो मैच दक्षिण अफ्रीका से नौ अक्टूबर और ऑस्ट्रेलिया से 12 अक्टूबर को विशाखापट्टनम में भिड़ेगा। 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights