प्राप्त जानकारी के अनुसार नैनीताल-भवाली मार्ग पर बुधवार दोपहर कैलाखान के पास पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से स्कूटी सवार 33 वर्षीय रमेश चंद्र आर्य पुत्र गिरीश चंद्र आर्य निवासी श्यामखेत भवाली की मौत हो गई, जबकि उसकी साली सपना घायल हो गई। खास बात यह भी रही कि दुर्घटना के समय रमेश ने हेलमेट पहना हुआ था, लेकिन पत्थर के जोरदार प्रहार से हेलमेट टूट गया और वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।

राहगीरों की मदद से दोनों को बीडी पांडे जिला चिकित्सालय लाया गया, जहां चिकित्सकों ने रमेश को मृत घोषित कर दिया और घायल युवती का उपचार चल रहा है। शव को मोर्चरी में रखकर पंचनामे की कार्रवाई की जा रही है।

बताया गया है कि रमेश अपनी साली को अल्ट्रासाउंड जांच कराने नैनीताल के जिला चिकित्सालय लाया था। यहां जांच न हो पाने पर दोनों बिना परीक्षण कराए वापस लौट रहे थे कि तभी कैलाखान व टूटा पहाड़ के बीच अचानक पत्थर गिरने लगे और यह दुर्घटना घटित हो गई। घटना के बाद मार्ग पर अफरातफरी का माहौल बन गया और लोग भयभीत नजर आए।

उल्लेखनीय है कि नैनीताल-भवाली मार्ग जिला व मंडल मुख्यालय को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिस पर बरसात के मौसम में लगातार पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। कैलाखान, पाइन्स के साथ ही कैचीधाम के समीप भी कई स्थानों पर पहाड़ दरकने से हमेशा खतरा बना रहता है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि या तो पहाड़ी से गिरने की कगार पर खड़े पत्थरों को हटाया जाना चाहिये यप सुरक्षात्मक दीवारें और जाल लगाये जाने चाहिये। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान लगातार वर्षा से पहाड़ियां संवेदनशील हो जाती हैं और हल्की ढलान भी बड़े पत्थरों के खिसकने का कारण बन जाती है। खासकर बारिश एवं बारिश के बाद धूप खिलने से भी ऐसी घटनाएं होती हैं। यदि शीघ्र सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गये तो भविष्य में और बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

By editor

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