सहारनपुर। विजयदशमी उत्सव एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्ष की अवसर पर महानगर की विभिन्न बस्तियों में स्वयंसेवकों द्वारा व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में विश्वकर्मा नगर के विराट बस्ती स्थित अनमोल विहार पार्क में विधिवत गुरु पूजन और शस्त्र पूजन के साथ पथ संचलन निकाला गया।कार्यक्रम में मुख्य बौद्धिक वक्ता विश्वबंधु जी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए संघ की स्थापना और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 1925 में पूज्य डॉक्टर हेडगेवार जी द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई थी। इसके बाद सहारनपुर विभाग में सन 1938 में पंडित गिरधारी लाल शास्त्री जी और उनके साथियों ने दिल्ली से यहां पहुंचकर लोगों को संघ के उद्देश्य एवं कार्यों के प्रति जागरूक किया।

विश्वबंधु जी ने आगे बताया कि 1940 में लाला मिशन लाल मित्तल सहारनपुर विभाग के पहले संघ चालक बने। आजादी के कालखंड में जसमोर, देववृंद, गंगोह, नकुर, बेहट सहित आसपास के क्षेत्रों में संघ की शाखाएं प्रारंभ हुईं, जो अब विशाल वट वृक्ष की तरह पूरे जिले में फैल चुकी हैं और गांव-गांव तक समाज को संगठित करने का कार्य कर रही हैं।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अशोक कुमार, जो भारतीय मजदूर संघ से जुड़े हैं, ने अपने संबोधन में संघ के महत्व और राष्ट्र प्रेम में भगवा ध्वज की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद पहली बार आरएसएस की 100वीं वर्षगांठ पर भारत सरकार ने संघ का डाक टिकट और सिक्का जारी किया है, जिस पर उन्होंने भारत सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त किया।सुभाष भाग के माननीय संघ चालक श्रीमान राकेश कुमार ने स्वयंसेवकों को आशीर्वाद और प्रेरक संदेश दिए।

पथ संचलन के दौरान क्षेत्रवासियों ने स्वयंसेवकों का फूलों से स्वागत किया और भारत माता की जय के उद्घोष से वातावरण को गौरवमयी बना दिया।कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर स्वयंसेवकों और आम नागरिकों में उत्साह और राष्ट्रीयता की भावना देखने को मिली।

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