अभिनेता विपिन शर्मा, जो आमिर खान की चर्चित फिल्म ‘तारे ज़मीन पर’ में अपने सह-कलाकार के रूप में जाने जाते हैं, ने हाल ही में अपने संघर्ष के दिनों के बारे में दिलचस्प किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्हें शाकाहारी होते हुए भी मांस काटने का काम करना पड़ा ताकि वह अपनी रोजी-रोटी कमा सकें। विपिन ने द लल्लनटॉप के मंच पर अपनी कहानी शेयर की, जिसमें उन्होंने खुलासा किया कि एक समय था जब उन्होंने एक्टिंग को अलविदा कहने और कनाडा जाने का फैसला किया था। वहां पहुँचकर वह एक एक्टिंग वर्कशॉप में शामिल हुए, जिसने उनकी जिंदगी के दिशा को बदल दिया।
विपिन शर्मा ने अपनी यात्रा के बारे में बताया कि कनाडा में उन्होंने महसूस किया कि उनकी पहचान केवल एक्टिंग ही है। उन्होंने कहा, “कनाडा में वर्कशॉप के बाद मैंने निर्णय लिया कि मुझे वापस लौटकर सिर्फ एक्टिंग के लिए संघर्ष करना चाहिए। मैंने टोरंटो में अपनी सभी चीजें छोड़कर भारत लौटने का टिकट खरीद लिया।” विपिन ने आगे अपनी व्यक्तिगत तात्कालिकता के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि वह समाज के प्रति अत्यधिक असंतुष्ट थे और उनके भीतर क्रोध की भावना भरी हुई थी। वह अक्सर बहस करते थे और कभी भी किसी चीज़ से संतुष्ट नहीं होते थे।
अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए, विपिन ने बताया कि उन्होंने कई रेस्तरां में काम किया, जिसमें एक आयरिश रेस्तरां भी शामिल था। उन्होंने अजीब स्थिति का सामना करते हुए कहा, “मैं शाकाहारी हूँ, लेकिन मुझे मीट काटने का काम करना पड़ा। इस दौरान, मुझे अपने किए गए काम पर भगवान से प्रार्थना करनी पड़ी। हर बार जब मैं मीट साफ कर रहा था, मैं खुद को सोचने लग जाता था कि यह मेरे लिए कितना कठिन है।” उन्होंने श्रम की मेहनत से कमाई गई एक नई नौकरी के बारे में भी बताया, जिसमें उन्हें टोरंटो के एक बड़े चैनल में एडिटिंग का अवसर मिला।
विपिन के करियर की बात करें तो उन्होंने चर्चित फिल्मों और सीरीज में काम किया है, जैसे ‘मंकी मैन’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘होटल मुंबई’ और ‘पाताल लोक’। उनकी हालिया कार्यों में क्राइम बीट सीरीज शामिल है, जहां उन्होंने साकिब सलीम, राजेश तैलंग और राहुल भट्ट के साथ काम किया। इस समय विपिन शर्मा का करियर एक नई ऊँचाई पर है और उन्होंने अपने संघर्ष, दृढ़ता और समर्पण के जरिए सफलता की कहानी लिखी है।
विपिन शर्मा की जिंदगी से हमें यह सिखने को मिलता है कि कठिनाइयों का सामना करना और अपने सपनों के लिए संजीवनी लेना कभी भी दूर नहीं होता। अपनी पहचान खोजने के लिए बिना किसी डर के आगे बढ़ना, विपिन की कहानी का सार है।
