जायेगा। अभी तक 90 प्रतिशत से अधिक निमार्ण कार्य पूरा हो चुका है। बता दें कि पांच अगस्त को धराली में आई आपदा से
चिम्चागाड़ पुल बह जाने और कई स्थानों पर गंगोत्री हाईवे वाश आउट होने से पूरे घाटी की कनेक्टिविटी अवरूद्ध होने से आवागमन पूर्ण रूप से बाधित हो गया था। इसके बाद यहां वैली ब्रिज बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया गया।
पिछले तीन दिनों से एसडीआरएफ, सेना, पुलिस ने बीआरओ के साथ रात- दिन युद्धस्तर से लिम्चागाड़ पर वैली ब्रिज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है जिससे आज दोपहर बाद तक वैली ब्रिज बनकर तैयार हो जायेगा ।
बता दें कि इस पुल का सामरिक महत्व के साथ गंगोत्री धाम को जोड़ने वाला अति महत्वपूर्ण पुल है। बीआरओ मार्ग बंद पड़े हाईवे खोलने में जुटा है। इस हाइवे से ही भारत सीमा पर सेना की चौकियों में रसद की सप्लाई करती है। वहीं गंगोत्री धाम को भी जोड़ती है।
गौरतलब है कि धराली – हर्षिल में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन में लिम्चागाड़ वैली ब्रिज तैयार होने से गति मिलेगी। पिछले 6 दिनों दिनों से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन पूरी तरह से बंद पड़ा है केवल हैली सेवा से आवाजाही हो पा रही है। अब वैली ब्रिज तैयार होने से बंद पड़ा आगे गंगोत्री हाईवे को भी गति मिलेगी वहीं भारी भरकम मशीनरी को पहुंचाने में मदद मिलेगी।
