मेरठ(एमटी न्यूज)। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष भोपाल सिंह एवं सदस्य पंकज कुमार शर्मा व श्रीमती करुणा जैन द्वारा बैंक अधिकारी को पीएफ की धनराशि पर आठ वर्षो का ब्याज नहीं दिए जाने पर योजित वाद में बैंक को दो माह के अंदर पीएफ धनराशि पर आठ वर्षो के ब्याज व 5000 रूपये परिवाद व्यय चुकाने का आदेश दिया गया है। परिवादी दिनेश कुमार शांडिल्य ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में योजित वाद में बताया गया था की वह इलाहबाद बैंक वर्तमान में इंडियन बैंक से 31.12.2018 को प्रबंधक के पद से सेवा निवर्त हुए थे। दिनेश कुमार शांडिल्य ने बताया की वर्ष 2010 में वेतन संशोधन की एरियर धनराशि उनके खाते में जमा की गई जिस पर 10 प्रतिशत पीएफ भी कटा लेकिन पीएफ धनराशि उनके पीएफ खाते में जमा नहीं की गई जिस पर बैंक को पत्राचार के माध्यम से पीएफ व उस पर ब्याज की मांग की गई जिसके बाद केंद्रीय कार्यालय ने जनकारी देते हुए बताया कि २20.11.2018 को 25776 रूपये पीएफ धनराशि उनके खाते में जमा की गई है , ऐसे में 13.12.2020 को बैंक के केंद्रीय कार्यालय को पत्र भेजकर उक्त धनरशि पर ब्याज की मांग की गई परन्तु बैंक द्वारा ब्याज नहीं दिया गया और सेवा में कमी कारित की गई। विद्वान अध्यक्ष एचजेएस भोपाल सिंह एवं सदस्य पंकज कुमार शर्मा व श्रीमती करुणा जैन द्वारा मामले पहलुओं को जांचकर परिवाद बैंक के विरुद्ध आंशिक व एक पक्षीय स्वीकार करते हुए बैंक को दो माह के अंदर पीएफ धनराशि 25776 रूपये पर आठ वर्षो (04.09.2010 से 22.11.2018) सात प्रतिशत साधारण ब्याज और 5000 रूपये परिवाद व्यय चुकाने का आदेश दिया है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights