लखनऊ, 17 जनवरी । टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयासों को और तेज करते हुए शनिवार काे सचिवालय में राज्य टीबी फोरम की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, उत्तर प्रदेश अमित कुमार घोष ने की।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए सभी विभागों का समन्वित और सामूहिक प्रयास आवश्यक है। संभावित टीबी रोगियों की समयबद्ध जांच सुनिश्चित करे। चिन्हित रोगियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में संक्रमण की रोकथाम को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। शहरी क्षेत्रों में होटल एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कार्यरत कर्मचारियों की नियमित टीबी जांच अनिवार्य करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थियों और जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत किचन स्टाॅफ की अनिवार्य जांच कराने का निर्णय लिया गया, ताकि संक्रमण के जोखिम को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।
अपर मुख्य सचिव ने राज्य एवं जिला टीबी फोरम की बैठकें प्रत्येक माह नियमित रूप से आयोजित करने और जिला टीबी फोरम की कार्यवाही रिपोर्ट अनिवार्य रूप से पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की निरंतर निगरानी पर विशेष जोर दिया।
बैठक में टीबी चैंपियंस की भागीदारी को और सशक्त बनाने पर बल दिया गया, जिससे उनके अनुभवों के माध्यम से समाज में जागरूकता बढ़े और टीबी से जुड़ी भ्रांतियां दूर हों। टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के प्रभावी उपयोग की रणनीति पर भी चर्चा की गई।
अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी विभागों, संस्थानों एवं विकास साझेदारों के सहयोग से प्रदेश को शीघ्र टीबी मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विशेष सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण धीरेंद्र सचान, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. रतन पाल सिंह सुमन, राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. शैलेंद्र भटनागर, उप राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ. ऋषि सक्सेना सहित डब्ल्यूएचओ, आईएचएटी, जीएचएस और सीफार के राज्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
