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नोएडा, 08 फ़रवरी । यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख टेक्सटाइल और अपैरल एक्सपोर्ट हब बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में विकसित किया जा रहा अपैरल पार्क राज्य के औद्योगिक परिदृश्य में मील का पत्थर साबित हो रहा है। यह परियोजना न केवल निवेशको को आकर्षित कर रही है, बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है।

यमुना एक्सप्रेसवे के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा 175 एकड़ भूमि पर अपैरल पार्क विकसित किया जा रहा है। इसमें विभिन्न आकार के कुल 173 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं, जिन्हें अपैरल एवं टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़ी इकाइयों को आवंटित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अपैरल पार्क योजना के तहत अब तक 156 भूखंडों का आवंटन किया जा चुका है, जबकि केवल 17 भूखंड रिक्त हैं। 106 इकाइयों के पक्ष में अब तक लीज डीड निष्पादित हो चुकी है तो 89 निवेशकों को कब्जा भी सौंपा जा चुका है। यह आंकड़े साफ तौर पर दर्शाते हैं कि योगी सरकार के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मॉडल पर निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।

उन्होंने बताया कि अपैरल पार्क में अब परियोजनाएं तेजी से जमीन पर उतरने लगी हैं। योजना के तहत अब तक 118 इकाइयों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है, जबकि 39 इकाइयों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं। वहीं, 15 इकाइयों में निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सरकार द्वारा सभी आवंटियों से डीपीआर के अनुरूप एक्शन प्लान मांगा गया है, ताकि परियोजनाएं तय समय-सीमा में धरातल पर उतर सकें।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि उत्तर प्रदेश को वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) और टेक्सटाइल नीति के माध्यम से वैश्विक निर्यात मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाया जाए। अपैरल पार्क से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार, रेडीमेड गारमेंट्स और टेक्सटाइल निर्यात में वृद्धि, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को नया प्लेटफॉर्म जैसे लाभ मिलने की उम्मीद है।

By editor

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