उत्तर प्रदेश और केन्द्र सरकार की योजना के तहत कमजोर श्रेणी के छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति के घोटाले में चार संस्थानों के मैनेजर और प्रिंसिपल एसआईटी की जांच में दोषी पाए गए हैं। एक दर्जन से अधिक छात्रों के बयान में इनके खिलाफ कई और साक्ष्यों का खुलासा हुआ है। इसी आधार पर दावा किया जा रहा है कि जल्दी ही इस मामले में एसआईटी आरोपित मैनेजरों और उनकी साठगांठ में शामिल प्रिंसिपल व कर्मचारियों की गिरफ्तारी करेगी।