उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में डिजिटल अरेस्ट की घटना हुई है। भारतीय जनता पार्टी के MLC को एक ठग ने करीब डेढ़ घंटे तक रखा डिजिटली अरेस्ट किए रखा। विधायक करीब 90 मिनट तक साइबर ठगों के निशाने पर रहे। हालांकि समय रहते उन्हें ठगों का शिकार बनने का अंदेशा हो गया था, इसलिए उन्होंने कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया, लेकिन डेढ़ घंटे तक विधायक की सांसें अटकी रहीं। मामले की शिकायत पुलिस को देकर केस दर्ज कराया गया है।
पुलिस की वर्दी पहने हुए था आरोपी
पुलिस को दी शिकायत में विधायक शैलेंद्र ने बताया कि एक शख्स ने उन्हें वीडियो कॉल किया। जब उन्होंने कॉल उठाया तो सामने वाला शख्स पुलिस की वर्दी पहने हुए था। उसने खुद को ATS अधिकारी बताया। उसने बातचीत शुरू की तो मामला गंभीर लगा, लेकिन बात करते-करते उन्हें शक होने लगा। उन्होंने बीच में कई बार कॉल कट करने की कोशिश की, लेकिन ठग ने उन्हें मौका नहीं दिया। करीब डेढ़ घंटा बातचीत हुई, लेकिन इस दौरान उन्होंने ट्रांजेक्शन नहीं किया।
जांच में सहयोग करने का दबाव बनाया
पीड़ित विधायक ने बताया कि आरोपी ने फोन करके खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया। उसने किसी मामले में जांच का हवाला देते हुए सहयोग करने का दबाव डाला। इसी बहाने वह उनसे बातचीत करता रहा। वह लगातार दबाव बनाता रहा, लेकिन शक होने पर उन्होंने सतर्कता बरतते हुए कोई भी आर्थिक लेन-देन नहीं किया और मौका मिलते ही कॉल काट दी। फिर उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने औपचारिक शिकायत लेकर FIR दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
पीड़ित विधायक ने पुलिस ने इंसाफ की गुहार लगाते हुए आरोपी को पकड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो ठग उन्हें डिजिटली अरेस्ट रख सकता है। वह किसी भी आम आदमी को आसानी से अपना शिकार बना सकता है।
