मुख्य अतिथि नेशनल साइंस चेयर के भटनागर फेलो एवं इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी मुंबई के पूर्व कुलपति पद्मश्री प्रो. जीडी यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था के इंजन होते हैं। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रखते हुए इसे रोजगार, उद्यमिता व सामाजिक नवाचार का माध्यम बनाना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुविवि के कुलपति प्रो. दीवान रावत ने कहा कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय सदैव रोजगारोन्मुख, शोधप्रधान और समाजोन्मुख शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा।

निदेशक प्रो. दिव्या जोशी ने कहा कि यह कार्यशाला उच्च शिक्षा संस्थानों में प्लेसमेंट नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और उद्योगदृअकादमिक साझेदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक पहल है। प्रो. संतोष कुमार, प्रो. रीतेश साह ने भी विचार रखे। इस अवसर पर प्रो. चित्रा पांडे, प्रो. अतुल जोशी, प्रो. ललित तिवारी, प्रो. आशीष तिवारी, प्रो. आशीष मेहता, प्रो. संजय घिल्डियाल, प्रो. महेन्द्र राणा सहित विश्वविद्यालय के अनेक प्राध्यापक, शोधार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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