पौड़ी गढ़वाल, 09 फ़रवरी ।
वन विभाग के तत्वावधान में लीसा विदोहन से रोजगार सृजन एवं वनाग्नि सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पौड़ी के रामलीला मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि लीसा विदोहन न केवल वन संपदा संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम है, बल्कि इससे ग्रामीण महिला समूहों को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने वनाग्नि की रोकथाम में जनसहभागिता को अत्यंत आवश्यक बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध किया। उनके गीतों के माध्यम से वन संरक्षण एवं जन-जागरूकता का संदेश प्रभावी रूप से लोगों तक पहुंचा।
नगर पालिकाध्यक्षा हिमानी नेगी ने कहा कि लीसा विदोहन जैसे कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे पलायन पर रोक लगेगी। उन्होंने वनाग्नि सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए आमजन से सहयोग की अपील की।
डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि वन विभाग द्वारा लीसा विदोहन को संगठित, वैज्ञानिक एवं सुरक्षित प्रक्रिया के तहत संचालित किया जा रहा है। इससे प्राप्त राजस्व ग्राम पंचायतों को प्राप्त होता है, जिससे स्थानीय विकास कार्यों को गति मिलती है। उन्होंने कहा कि इससे वनाग्नि की घटनाओं में कमी आएगी और स्थानीय लोगों को सतत रोजगार मिलेगा।
कार्यक्रम के संयोजक गजेंद्र पाठक ने सीतला खेत मॉडल को पर्यावरण संरक्षण, आजीविका संवर्धन एवं सामुदायिक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए इसे अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटकों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से लीसा विदोहन, वनाग्नि रोकथाम एवं वन संरक्षण को लेकर व्यापक जन-जागरूकता का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर डीएफओ सिविल सोयम पवन नेगी, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, व्यापार संघ पौड़ी के अध्यक्ष विनय शर्मा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केशर सिंह नेगी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
