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-जंगली जानवरों और जलभराव से फसलों के नुकसान को फसल बीमा योजना में करें शामिल

देहरादून, 14 दिसंबर । उत्तराखंड के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को उद्यान विभाग के अधिकारियों से प्रदेश में हॉर्टिटूरिज्म की अपार संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही ड्रैगन फ्रूट और कीवी की खेती के विस्तार पर बल देते हुए कहा कि किसानों को इस क्षेत्र से जोड़ने के प्रयास में तेजी लाने जोर दिया।

कृषि मंत्री जोशी रविवार को कैंप कार्यालय में एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मंत्री ने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से जंगली जानवरों से होने वाला नुकसान और अतिवृष्टि के कारण बाढ़ या जलभराव से फसलों के नुकसान दोनों को फसल बीमा योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है,जिसमें दोनों परिस्थितियों में किसानों को अब भरपाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के साथ ही अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।

विभागीय मंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2025-26 के लिए “सी” ग्रेड माल्टा एवं पहाड़ी नींबू (गलगल) उत्पादकों को उनके फलों का उचित मूल्य प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों के हित में “सी” ग्रेड माल्टा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 10 रुपये प्रति किलोग्राम पहाड़ी नींबू (गलगल) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7 प्रति किलोग्राम (रुपये सात मात्र) निर्धारित किया गया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की इस व्यवस्था का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचे, इसके लिए खरीद प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और सुचारु रूप से संचालित किया जाए। फल उत्पादकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए खरीद केंद्रों की व्यवस्था, भुगतान प्रक्रिया सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए।

उद्यान ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने और सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। बैठक में बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल,औद्यानिकी विपणन बोर्ड के सीईओ नरेंद्र यादव उपस्थित रहे।

By editor

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