देहरादून, 22 जनवरी । उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने गुरुवार को अपने जीवन के पश्चात नेत्रदान, अंगदान सहित पूर्ण देहदान का संकल्प लिया है। यह संकल्प उन्होंने भव्य-दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर लिया, जो इसे आध्यात्मिक, सामाजिक और मानवीय दृष्टि से विशेष बनाता है।
भगत सिंह कोश्यारी ने अपना यह संकल्प दधीचि देह दान समिति देहरादून के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गोयल के माध्यम से आज अपने देहरादून स्थित डिफेंस कॉलोनी आवास पर विधिवत रूप से पंजीकृत कराया। इस माैके पर समिति ने कहा कि यह निर्णय समाज में अंगदान एवं देहदान की जागरूकता को और व्यापक रूप देगा। साथ ही उनका यह संकल्प युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा और देहदान एवं अंगदान आंदोलन को नई दिशा देगा।
इस अवसर पर कोश्यारी ने कहा कि यह संकल्प भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का स्मरण कराता है, जिसमें व्यक्ति अपने शरीर को समाज और राष्ट्र की सेवा में समर्पित करता है। महर्षि दधीचि की परंपरा से प्रेरित यह कदम न केवल चिकित्सा, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उपयोगी होगा, बल्कि नेत्रदान और अंगदान के माध्यम से कई जरूरतमंदों को नया जीवन, नई दृष्टि और आशा मिलेगी।
दधीचि देह दान समिति ने आम नागरिकों से अपील की कि वे भी नेत्रदान, अंगदान और देहदान का संकल्प लें और माैत के पश्चात समाज और राष्ट्र सेवा में योगदान दें। समिति ने बताया कि अब तक 570 लोग संकल्प ले चुके हैं और 21 देहदान एवं 47 लोगों के 94 कर्णियां दान की जा चुकी हैं। इच्छुक नागरिक समिति से संपर्क कर सकते हैं।
