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देहरादून, 29 जनवरी । हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हडको) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत–2047’ विजन को धरातल पर उतारने में आवास और शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए उत्तराखंड सरकार का मजबूत साझेदार बनेगा। इससे पलायन की समस्या कम होगी, स्थानीय रोजगार सृजन होगा तथा क्षेत्रीय संतुलन मजबूत होगा।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार के साथ आज सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, रेंटल हाउसिंग योजना तथा नए नगरों के विकास पर गहन चर्चा हुई। बैठक में विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) तथा निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लिए सस्ते, सुरक्षित और टिकाऊ आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आवासीय योजनाएं केवल शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में भी सुनियोजित ढंग से लागू हों। राज्य के 10 पर्वतीय जिलों में स्थानीय भवन तकनीक और पारंपरिक निर्माण सामग्री के अधिकतम उपयोग पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ रेंटल आवास योजना को भी गति देने पर चर्चा हुई। जिससे प्रवासी श्रमिकों, युवाओं और कामकाजी वर्ग को सुरक्षित एवं किफायती आवास उपलब्ध कराया जा सके। यह कदम शहरी क्षेत्रों में अनियोजित बसावट को रोकने में भी सहायक होगा।

सचिव आवास डॉ.आर. राजेश कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत–2047’ विज़न को राज्य में लागू करने के लिए हडको के साथ मिलकर दीर्घकालिक एवं व्यावहारिक योजना तैयार की जा रही है। हडको के सहयोग से राज्य में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

हडको के क्षेत्रीय प्रमुख एवं राज्य प्रभारी संजय भार्गव ने कहा कि हडको अगले 25 वर्षों को ध्यान में रखते हुए राज्य के लिए आवास विकास में सक्रिय भूमिका निभाएगा। नए नगरों और टाउनशिप के निर्माण,मास्टर प्लानिंग,भूमि अधिग्रहण और वित्तीय सहयोग में हडको अपनी विशेषज्ञता का पूरा लाभ उत्तराखंड को देगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पर्वतीय जिलों में स्थानीय निर्माण तकनीक और पारंपरिक सामग्री का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि हडको ने अब तक राज्य में 115 आवासीय एवं शहरी विकास योजनाओं को 1543.34 करोड़ रुपये की ऋण राशि के साथ मंजूरी दी है। सरकारी और हडको के संयुक्त प्रयासों से ईडब्ल्यूएस और एलआईजी वर्ग के लिए आवास की उपलब्धता बढ़ेगी और राज्य में संतुलित तथा समावेशी शहरी विकास को बल मिलेगा।

By editor

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