स्पेशल सेल के डीसीपी अमित कौशिक के अनुसार 17 अगस्त की सुबह करीब 5:25 बजे तीन बदमाश मोटरसाइकिल से एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर पर पहुंचे थे। उनमें से दो ने घर पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं जबकि तीसरा बाहर बाइक पर खड़ा रहा। बाद में गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया ने सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस मामले में गुरुग्राम के थाना सेक्टर-56 में एफआईआर दर्ज की गई थी।

डीसीपी के अनुसार, स्पेशल सेल की टीम को पुख्ता सूचना मिली कि इस घटना में शामिल दो आरोपित दिल्ली में फिर से किसी को मारने की साजिश रच रहे हैं। सूचना को पुख्ता कर एसीपी राहुल कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 24 अगस्त को शाहबाद डेयरी के पास खेड़ा नहर इलाके में जाल बिछाया। दोपहर में दोनों आरोपित वहां पहुंचे। पुलिस ने जब घेराबंदी की तो एक ने पिस्टल से फायर करने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे दबोच लिया और दोनों को सुरक्षित पकड़ लिया।

पकड़े गए आरोपितों की पहचान फरीदाबाद निवासी गौतम सिंह उर्फ निक्का (22) और फरीदाबाद निवासी आदित्य तिवारी (19) के रूप में हुई है। जांच में पता चला कि हमले के बाद नेपाल बॉर्डर की ओर दोनों भागे थे। लेकिन गिरोह के सरगना ने उन्हें वापस दिल्ली लौटने का आदेश दिया। पकड़ा गया आरोपित गौरव सिंह उर्फ निक्का ने 10वीं तक पढ़ाई की है। वर्ष 2024 में राजस्थान में एक मूर्ति तोड़फोड़ मामले में वह शामिल था। वहीं आदित्य तिवारी मूल रूप से बिहार के तैमूर जिले का रहने वाला है। वह बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। इसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने नीरज फरीदपुरिया–हिमांशु भाऊ गिरोह के इशारे पर हमला किया था और गिरोह ने ही उन्हें हथियार और रुपये उपलब्ध कराए थे। डीसीपी के अनुसार पुलिस ने इनके खिलाफ स्पेशल सेल थाने में आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल दोनों से गिरोह के अन्य सदस्यों और फंडिंग नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

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