जनजातीय कार्य मंत्रालय शुरू किए गए आदि कर्मयोगी अभियान की समीक्षा करते हुए

केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि इस पहल में जमीनी स्तर पर जनजातीय विकास के लिए परिवर्तनकारी क्षमता है और यह मिशन मोड पर जनजातीय गांवों के समग्र विकास को प्राप्त करने में मदद करेगी।

इस अवसर पर

जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव विभु नायर ने कहा कि “आदि कर्मयोगी अभियान को जमीनी स्तर पर उत्तरदायी शासन को क्रियान्वित करने के लिए तैयार किया गया है। शासन प्रक्रिया प्रयोगशालाओं के माध्यम से, सभी स्तरों पर सरकारी अधिकारियों को प्रभावी परिवर्तन अग्रणी बनने के लिए संरचित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि जनजातीय कार्य मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ किया है, जिसे विश्व के सबसे बड़े जनजातीय मूलभूत नेतृत्व कार्यक्रम के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाना, उत्तरदायी शासन को मजबूत करना और पूरे देश में स्थानीय नेतृत्व के अवसरों का निर्माण करना है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू किया गया यह अभियान सेवा, संकल्प एवं समर्पण पर बल देता है जो “सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास, सबका विश्वास” के मार्गदर्शक सिद्धांत पर आधारित है। यह पहल जनजातीय गौरव वर्ष का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण में अपना योगदान दे रहा है।

आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य

ग्रामीण एवं सामुदायिक स्तर पर उत्तरदायी, जन-केंद्रित शासन को बढ़ावा देना है। 10 जुलाई 2025 से जारी

योजना के तहत “1 लाख जनजातीय ग्राम-विजन 2030” तैयार किया जाएगा, जिसमें विस्तृत कार्य योजनाएं एवं निवेश रणनीतियां शामिल हैं।

जमीनी स्तर पर विकास पहलों को लागू करने के लिए 550 जिलों और 30 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 20 लाख परिवर्तन दिग्गजों का नेटवर्क तैयार करना है। यह अभियान 1 लाख से ज़्यादा जनजातीय बहुल गांवों तक पहुंचेगा और 550 ज़िलों तथा 30 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 20 लाख परिवर्तनकारी दिग्गजों को संगठित करेगा।

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