डान अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ सीमा शुल्क अधिकारी ने बताया, “सीमा पिछले 12 दिनों से बंद है। अभी तक पारगमन व्यापार सहित किसी भी व्यावसायिक गतिविधि के लिए सीमा को नहीं खोला गया है। चमन शहर के प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अभी तक इस्लामाबाद के अधिकारियों से सीमा खोलने के बारे में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। यह जरूर है कि अफगान शरणार्थियों को सीमित समय पर चमन क्रॉसिंग से स्वदेश भेजा गया।

व्यापारियों को उम्मीद है कि आज इस्तांबुल में पाकिस्तान और अफगान के अधिकारियों के बीच होने वाली बैठक के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी।

इस बीच, संघीय राजस्व बोर्ड (एफबीआर) ने घोषणा की कि उसके कर्मचारी सीमा चौकियों पर तैनात हैं। आदेश मिलते ही सीमा खोल दी जाएगी। बोर्ड की यह घोषणा अफगानिस्तान से लगी सीमा चौकियों पर ट्रांजिट कार्गो, निर्यात खेप और आयातित सामान से लदे 1,000 से अधिक ट्रकों के खड़े होने की सूचना के बाद आई है।

यह व्यवधान प्रमुख सीमा चौकियों तोरखम, गुलाम खान, खरलाची और अंगूर अड्डा पर 12 अक्टूबर और चमन सीमा पर 15 अक्टूबर से निर्यात और आयात दोनों के लिए सीमा शुल्क निकासी के निलंबन के कारण उत्पन्न हुआ है। एफबीआर की एक आधिकारिक घोषणा में कहा गया है कि सीमा शुल्क चौकियों पर सुरक्षा चिंताओं के कारण पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

बताया गया है कि द्विपक्षीय व्यापार के निलंबन से पहले सीमा शुल्क अधिकारियों ने तोरखम, गुलाम खान, खरलाची और अंगूर अड्डा चौकियों पर 363 आयात वाहनों की निकासी की है। इस समय तोरखम में आयात के लिए 23 वाहनों की निकासी लंबित है। इन वाहनों में कपड़े, पेंट, मूंगफली और दालों जैसी वस्तुएं हैं। यही हालत निर्यात की है। 255 वाहन तोरखम टर्मिनल के अंदर खड़े हैं, जबकि लगभग 200 वाहन जमरूद-लांडी कोटल मार्ग पर फंसे हुए हैं। चमन सीमा शुल्क केंद्र पर सीमा शुल्क निकासी कार्य 15 अक्टूबर से निलंबित है। लगभग 495 वाहन तोरखम और चमन में सीमा पार करने के लिए कतार में खड़े हैं।

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