प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से चार मीटर ऊपर बह रहा है, जिसके कारण नदी का प्रवाह अत्यधिक तेज और अप्रत्याशित हो गया है। ऐसी स्थिति में पुलों के आसपास जाना या नदी किनारे अनावश्यक रूप से समय बिताना जानलेवा हो सकता है।
जिला प्रशासन ने पहले ही यमुना और उसकी सहायक नदियों के किनारे चेतावनी बोर्ड लगा दिए हैं तथा पुलों पर पुलिस और प्रहरियों की तैनाती की गई है। फिर भी, लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे पुलों पर जाकर सेल्फी या रील न बनाएँ। बच्चों को नदी किनारे न जाने दें। पिकनिक या सामूहिक गतिविधियों से परहेज करें।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने एक वीडियो संदेश में कहा, हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें। नदी के किनारे या पुलों पर जाने से बचें और दूसरों को भी समझाएँ। प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, लेकिन आपकी सहभागिता ही दुर्घटनाओं को रोक सकती है।
