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केंद्रीय मंत्री ने मीडिया को बताया कि जो लोग इस पोर्टल पर पंजीकरण करने में असफल रहे उनके लिए मंत्रालय ने तीन महीने की अवधि बढ़ा दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे आगे की तारीख बढ़ाने में मुश्किल होगी क्योंकि वक्फ (संशोधन) अधिनियम को संसद ने पारित किया है और उच्चतम न्यायालय ने छह महीने की समय सीमा को आगे बढ़ाने से मना कर दिया है। इस कारण सरकार कानून में बदलाव नहीं कर सकती है।

रिजिजू ने कहा कि कई सांसदों और सामुदायिक नेताओं ने पंजीकरण में आ रही समस्याओं, जैसे धीमी पोर्टल गति, दस्तावेज़ों की कमी के कारण समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसके बाद निर्धारित अवधि को बढ़ाने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा, ” हम कोई कठोर कदम नहीं उठाएंगे और कोई जुर्माना नहीं लगाएंगे। तीन महीने के समय में जितने भी वक्फ संपत्तियां हैं, वे पंजीकरण करा लें।”

मंत्री ने बताया कि कर्नाटक (50,800 पंजीकरण), पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में पंजीकरण करने वालों की संख्या काफी हैं, जबकि कई बड़े राज्यों में प्रक्रिया धीमी रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अभी तक पंजीकरण शुरू नहीं किया है, वे संबंधित वक्फ ट्रिब्यूनल से संपर्क करें क्योंकि कानून के तहत ट्रिब्यूनल को यह अधिकार है कि वह उचित कारण पाए जाने पर पंजीकरण की तारीख को छह महीने तक और बढ़ा सकता है।

मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार का लक्ष्य मदद करना और प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाना है, लेकिन उन्हें संसद द्वारा बनाए गए कानून का पालन करना होगा।

उल्लेखनीय है कि ‘उम्मीद’ पोर्टल शुरू होने के बाद 06 महीने के अनिवार्य पंजीकरण की समय सीमा आज समाप्त हो गई। मंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, शाम तक देशभर में 1 लाख 51 हज़ार से अधिक वक्फ संपत्तियां सफलतापूर्वक पंजीकृत हो चुकी हैं।

By editor

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