मुजफ्फरनगर। शहर के टाउनहाल के पास स्थित सनातन धर्म सभा भवन रविवार को क्रांतिसेना के नारों से गूंज उठा। संगठन के द्वितीय कार्यकर्ता सम्मेलन में वक्ताओं ने भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने और गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई। मंच से संतों, पदाधिकारियों और वक्ताओं ने साफ कहा कि अब समय केवल चर्चा का नहीं, बल्कि निर्णायक जनआंदोलन का है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शुकतीर्थ के महेश्वर आश्रम के महादेव स्वामी और बाबरी आंदोलन के प्रमुख नायक संतोष दुबे शामिल हुए। दोनों ने सनातन संस्कृति की रक्षा को समय की मांग बताते हुए कहा कि जब तक हिंदू समाज एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएगा, तब तक ऐसी मांगें अधूरी रहेंगी।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा ने कहा कि क्रांतिसेना अब केवल विचार नहीं, बल्कि कार्रवाई के मंच के रूप में कार्य करेगी। उन्होंने ऐलान किया कि देशभर में जनजागरण अभियान चलाकर हिंदू समाज को जागरूक किया जाएगा और आवश्यकता पड़ी तो दिल्ली तक आंदोलन किया जाएगा। शर्मा ने कहा कि गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार या भत्ता देने, भ्रष्टाचार और नशे के कारोबार को संगीन अपराध घोषित करने, तथा सांसदों और विधायकों को केवल एक बार ही पेंशन देने की मांगें अब संगठन के एजेंडे में शीर्ष पर रहेंगी।

महामंडलेश्वर संजीव शर्मा और उपाध्यक्ष योगेन्द्र सिरोही ने कहा कि सनातन धर्म की सुरक्षा के लिए समाज को वैचारिक रूप से सशक्त बनाना होगा। कार्यक्रम में मातृशक्ति की भी बड़ी भागीदारी रही। महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने कहा कि राष्ट्रनिर्माण में महिलाओं की भूमिका अब निर्णायक होगी।

सम्मेलन में मंडल अध्यक्ष शरद कपूर, जिला अध्यक्ष मुकेश त्यागी, महानगर अध्यक्ष देवेंद्र चौहान, उपाध्यक्ष उज्ज्वल पंडित, संजीव वर्मा, नरेंद्र ठाकुर, गौरव गर्ग, संजय चौधरी, ललित रोहिल्ला, राजेंद्र पाल, राजेश्वर अरोड़ा, निकुंज चौहान और अभिषेक शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में संगठन ने घोषणा की कि आने वाले महीनों में गांव-गांव और नगर-नगर जनसभाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि हिंदू समाज की आवाज सरकार तक मजबूती से पहुंचाई जा सके।

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