Tag: SGPC

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मुलाकात के बाद ज्ञानी हरप्रीत सिंह का बड़ा ऐलान

श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आज श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह से मुलाकात की है। इस मुलाकात बाद उन्होंने कहा कि मुझे…

CBSE भर्ती परीक्षा में Students से कड़े उतरवाने पर बवाल

चंडीगढ़ के सैक्टर 7 स्थित एक स्कूल में स्थापित केंद्र में सिख उम्मीदवारों के लिए सी.बी.एस.ई. सहायक सचिव (प्रशासन) की भर्ती के लिए  आयोजित परीक्षा के दौरान शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक…

‘सिख धर्म सनातन की सेना’, बागेश्वर बाबा के नए बयान पर हंगामा, SGPC ने जताई आपत्ति

मध्य प्रदेश स्थित बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री एक नए विवाद में फंस गए हैं। हाल ही में उन्होंने अपने एक कार्यक्रम में सिखों पर टिप्पणी की। जिस…

सिखों की मांग पर NCERT ने किए 12वीं के सिलेबस में बदलाव

शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) की आपत्तियों के बाद NCERT ने 12वीं कक्षा की राजनीति विज्ञान की पाठ्य पुस्तक से एक अलग सिख राष्ट्र…

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उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम तेंदुए के हमले में सात वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर किया गया है। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खैरीघाट थाना क्षेत्र के बाजपुरवा गांव में शाम करीब पांच बजे आफरीन (7), पुत्री तसव्वर, अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान झाड़ियों से निकले तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बच्ची अस्पताल में भर्ती बच्ची की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और शोर मचाते हुए लाठी-डंडों के साथ तेंदुए की ओर बढ़े, जिसके बाद जंगली जानवर वहां से भाग गया। ग्रामीणों ने घायल बच्ची को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। सीएचसी शिवपुर के चिकित्सक डॉ. विकास सिंह ने बताया कि बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई थी। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। गांव में दहशत का माहौल घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष गुप्ता ने बताया कि टीम द्वारा क्षेत्र में जांच की जा रही है। रात का समय होने के कारण तेंदुए के स्पष्ट पगचिह्न नहीं मिल सके हैं, लेकिन इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और आसपास के जंगल व झाड़ियों की निगरानी की जा रही है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और नियमित गश्त कराने की मांग की है। वन विभाग ने लोगों से बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और शाम के समय विशेष सतकर्ता बरतने की अपील की है।

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